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March 18 2026 08:53 am

शादी में हो रही है देरी? तुलसी विवाह पर करें यह एक उपाय, जल्द बजेगी शहनाई

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News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का दिन बहुत ही पवित्र और शुभ माना जाता है। यह दिन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि उन लोगों के लिए भी खास उम्मीद लेकर आता है जिनके विवाह में किसी न किसी वजह से देरी हो रही है। हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को तुलसी जी का विवाह भगवान शालिग्राम (विष्णु जी का स्वरूप) के साथ कराया जाता है।

इस साल तुलसी विवाह का पर्व 3 नवंबर 2025, सोमवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन अगर कुछ खास उपाय किए जाएं, तो विवाह में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं और जल्द ही एक अच्छे जीवनसाथी की तलाश पूरी होती है।

क्यों है तुलसी विवाह इतना खास?

तुलसी को मां लक्ष्मी का ही स्वरूप माना जाता है। जिस घर में तुलसी विवाह का आयोजन होता है, वहां मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा से कभी भी सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती। कहा जाता है कि जिन लोगों के विवाह का योग नहीं बन पा रहा हो, अगर वे इस दिन सच्चे मन से पूजा और उपाय करें तो भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है और उनके विवाह का रास्ता खुल जाता है।

शीघ्र विवाह के लिए करें यह अचूक उपाय

अगर आपके या आपके घर में किसी के विवाह में रुकावटें आ रही हैं, तो इस तुलसी विवाह पर यह एक सरल और अचूक उपाय जरूर करें:

क्या-क्या चाहिए:

  • तुलसी का पौधा
  • मां तुलसी के लिए श्रृंगार का सामान (लाल चुनरी, बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी आदि)
  • भगवान शालिग्राम
  • पूजा की अन्य सामग्री (धूप, दीप, फूल, अक्षत, मिठाई)

कैसे करें उपाय:

  1. तैयारी: तुलसी विवाह के दिन शाम को पूजा के लिए तैयार हो जाएं। तुलसी के गमले को साफ करके गेरू से रंग लें और उसके चारों ओर गन्ने का मंडप सजाएं।
  2. तुलसी का श्रृंगार: मां तुलसी को एक सुंदर सी लाल चुनरी ओढ़ाएं और सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, मेहंदी आदि से एक दुल्हन की तरह उनका श्रृंगार करें।
  3. संकल्प लें: अब हाथ में जल लेकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए अपने शीघ्र विवाह की कामना करें और संकल्प लें कि आप पूरी श्रद्धा से यह विवाह संपन्न कराएंगे।
  4. विवाह की रस्में: भगवान शालिग्राम को एक चौकी पर स्थापित करें और उन्हें हाथ में लेकर तुलसी जी की सात बार परिक्रमा करें। इसके बाद विवाह के सभी रीति-रिवाज पूरे करें, जैसे गठबंधन करना और मंगल गीत गाना।
  5. प्रार्थना करें: विवाह संपन्न होने के बाद मां तुलसी और भगवान शालिग्राम की आरती करें और उनसे अपने विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने की प्रार्थना करें।

मान्यता है कि इस उपाय को करने से विवाह के योग प्रबल होते हैं और एक सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। यह उपाय न सिर्फ विवाह में देरी को दूर करता है, बल्कि वैवाहिक जीवन को भी सुखमय बनाता है।