पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है और नए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति भी इसी उद्देश्य से की गई है।
ममता बनर्जी का बड़ा आरोप:
भाजपा बंगाल में फर्जी वोटरों को जोड़ रही है, ताकि चुनाव के नतीजे अपने पक्ष में किए जा सकें।
अगर जरूरत पड़ी, तो टीएमसी चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने धरना देगी।
हरियाणा और गुजरात के नकली मतदाताओं के जरिए भाजपा ने दिल्ली और महाराष्ट्र चुनाव जीते।
चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा, तो निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं।
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फर्जी वोटर जोड़ने का आरोप, चुनाव आयोग के खिलाफ धरने की चेतावनी
ममता बनर्जी ने कहा,
“भाजपा की ओर से पश्चिम बंगाल में फर्जी मतदाताओं को जोड़ा जा रहा है। हम इसे नहीं होने देंगे। अगर जरूरत पड़ी, तो हम चुनाव आयोग के खिलाफ धरना देंगे और वोटर लिस्ट से इन फर्जी नामों को हटाने की मांग करेंगे।”
उन्होंने कहा कि भाजपा चुनावी खेल को बाहरी बनाम बंगाली बना रही है, लेकिन हम बंगाल पर बाहरी लोगों का कब्जा नहीं होने देंगे।
दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के चुनावों में धांधली का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले कुछ चुनावों में भी भाजपा ने फर्जी वोटर जोड़कर नतीजों को प्रभावित किया।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को हराने के लिए भाजपा ने बाहरी वोटर जोड़े।
महाराष्ट्र और हरियाणा में भी भाजपा ने इसी रणनीति से चुनाव जीते।
“दिल्ली में कांग्रेस की जीत संभव नहीं थी। इसलिए हमने अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया। लेकिन भाजपा ने 48 सीटें जीत लीं, जबकि आम आदमी पार्टी को सिर्फ 22 सीटें मिलीं। कांग्रेस फिर जीरो पर रह गई।”