प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला 2025 अपने अंतिम चरण में है और 26 फरवरी, महाशिवरात्रि के स्नान के बाद समाप्त हो जाएगा। हालांकि, नागा साधु और कल्पवासी माघी पूर्णिमा के बाद ही मेले से प्रस्थान कर चुके हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ अब भी बड़ी संख्या में संगम में स्नान के लिए पहुंच रही है। बीते रविवार को 1.18 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके थे, वहीं मंगलवार तक यह आंकड़ा 55 करोड़ तक पहुंच चुका है।
क्या बढ़ेगी कुंभ मेले की तारीख?
हाल के दिनों में प्रयागराज में बढ़ती भीड़ के मद्देनजर महाकुंभ मेला की अवधि बढ़ाने की मांग उठी थी, लेकिन इस पर प्रशासन ने स्पष्ट बयान जारी किया है। प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट (DM) रवींद्र मंदर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ का आयोजन धार्मिक मुहूर्त के अनुसार तय किया जाता है, जिसमें बदलाव संभव नहीं है। इसलिए, महाकुंभ मेला अपनी निर्धारित 26 फरवरी की तिथि पर ही संपन्न होगा।
प्रशासन ने दी बड़ी जानकारी
डीएम रवींद्र मंदर ने कहा, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रशासन श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है। सरकार या जिला प्रशासन की ओर से कुंभ मेले की अवधि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। श्रद्धालुओं को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।”
उन्होंने आगे बताया कि त्रिवेणी संगम पर स्नान की सुविधा बिना किसी परेशानी के उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही, प्रशासन यातायात व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
रेलवे स्टेशन बंद होने की अफवाहों का खंडन
डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रयागराज में रेलवे स्टेशन बंद होने की खबरें भी अफवाह मात्र हैं। उन्होंने कहा, “किसी भी रेलवे स्टेशन को बिना पूर्व सूचना के बंद नहीं किया गया है। केवल व्यस्त दिनों में भीड़ नियंत्रण के लिए दारागंज स्थित प्रयाग संगम स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। बाकी सभी स्टेशन पूरी तरह चालू हैं, और यात्री सुगमता से यात्रा कर रहे हैं।”
बोर्ड परीक्षा पर नहीं पड़ा महाकुंभ का असर
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि महाकुंभ मेले के कारण किसी भी छात्र की बोर्ड परीक्षा प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचने की सलाह पहले ही दी गई थी, जिसका पालन किया गया। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड ने ऐसे छात्रों के लिए अतिरिक्त अवसर भी प्रदान करने का निर्णय लिया है, जो किसी कारणवश परीक्षा में उपस्थित नहीं हो सके।