lunar Eclipse visibility : साल 2025 का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण, जानें भारत में कब और कहां-कहां देगा दिखाई
News India Live, Digital Desk: lunar Eclipse visibility : साल 2025 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बहुत ही खास रहने वाला है। अगले साल सितंबर के महीने में साल का पहला और एकमात्र पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि यह पितृ पक्ष की शुरुआत में ही लग रहा है और भारत के लगभग सभी हिस्सों में दिखाई देगा। इसे 'ब्लड मून' भी कहा जा रहा है क्योंकि ग्रहण के चरम पर चंद्रमा तांबे जैसा लाल रंग का दिखाई देगा।
आइए जानते हैं इस महत्वपूर्ण चंद्र ग्रहण की तारीख, समय और भारत में यह कहां-कहां नजर आएगा।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण?
- तारीख: यह चंद्र ग्रहण 7 और 8 सितंबर 2025 की दरमियानी रात को लगेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ेगा, जिस दिन पितृ पक्ष की शुरुआत होती है।
- समय (भारतीय समयानुसार):
- ग्रहण का आरंभ: 7 सितंबर, रात 11:42 से
- पूर्ण ग्रहण का आरंभ: 8 सितंबर, मध्य रात्रि 12:47 से
- ग्रहण का मध्य (चरम): 8 सितंबर, मध्य रात्रि 01:17 पर
- पूर्ण ग्रहण का अंत: 8 सितंबर, मध्य रात्रि 01:48 पर
- ग्रहण का समापन: 8 सितंबर, सुबह 02:53 पर
यह पूर्ण चंद्र ग्रहण लगभग 3 घंटे 11 मिनट तक चलेगा, जिसमें पूर्ण ग्रहण की अवस्था करीब 1 घंटे तक रहेगी।
भारत में कहां-कहां दिखेगा यह 'ब्लड मून'?
यह साल 2025 का पहला ऐसा चंद्र ग्रहण होगा जो भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। देश के लगभग सभी बड़े शहरों में लोग इस खूबसूरत खगोलीय घटना के गवाह बन सकेंगे। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, जयपुर, लखनऊ, पटना और चंडीगढ़ समेत भारत के कोने-कोने में इसे देखा जा सकेगा। इसके अलावा यह ग्रहण एशिया के बाकी हिस्सों, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी नजर आएगा।
क्या इसका सूतक काल मान्य होगा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। चूंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में पूरी तरह से दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
यह ग्रहण इसलिए भी ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पितृ पक्ष के ठीक पहले दिन लग रहा है, जो लगभग 100 साल बाद बनने वाला एक दुर्लभ संयोग है।