Laddu Gopal Winter Care : क्या आपने कान्हा जी के लिए रजाई निकाली? जानिए सर्दी में सेवा के 5 जरूरी नियम
News India Live, Digital Desk : जिनके घर में लड्डू गोपाल (Laddu Gopal) विराजते हैं, उनके लिए वे सिर्फ एक मूर्ति नहीं, बल्कि घर के सबसे छोटे और लाडले सदस्य होते हैं। हम उन्हें बिलकुल अपने बच्चे या छोटे भाई की तरह मानते हैं। अब सोचिए, जब दिसंबर-जनवरी की कड़ाके की ठंड में हमें रजाई से निकलने का मन नहीं करता, तो हमारे नन्हे कन्हैया को ठंड नहीं लगती होगी?
बिलकुल लगती है! शास्त्रों में कहा गया है कि ईश्वर 'भाव' के भूखे होते हैं। अगर हम उन्हें जीवित बालक मानकर सेवा करते हैं, तो मौसम बदलने के साथ-साथ उनकी दिनचर्या भी बदलनी चाहिए।
आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि सर्दियों में हमें अपने लाडले कन्हैया की सेवा (Seva Rules) कैसे करनी चाहिए ताकि वो गर्म और खुश रहें।
1. ठंडे पानी को कहें ना (Snan Rules)
गर्मियों में हम लड्डू गोपाल को ठंडे पानी से, दही से या गंगाजल से नहलाते हैं। लेकिन सर्दी में ऐसा बिल्कुल न करें।
- गुनगुना पानी: सुबह स्नान कराते समय पानी को हल्का गुनगुना (Luke Warm) कर लें। जैसे आप खुद ठंडे पानी से नहाने में हिचकिचाते हैं, वैसे ही उन्हें भी कष्ट न दें।
- केसर की मालिश: नहलाने के बाद या पहले इत्र या केसर के तेल से हल्की मालिश करें, जिससे उनके शरीर में गर्माहट बनी रहे।
2. ऊनी कपड़े पहनाएं (Warm Clothes)
अब सूती या रेशमी कपड़ों को बक्से में रखने का समय आ गया है। बाजार में लड्डू गोपाल के लिए एक से बढ़कर एक सुंदर ऊनी स्वेटर (Woollen Dress), शॉल और छोटी-छोटी टोपियां मिलती हैं।
- कोशिश करें कि उन्हें 'इनर वियर' (Inners) की जगह मलमल का कपड़ा पहनाकर ऊपर से ऊनी पोशाक पहनाएं।
- रात को उन्हें अलग और आरामदायक कपड़े पहनाकर ही सुलाएं।
3. खाने में गरमा-गर्म भोग (Winter Bhog)
सर्दी में हम अपनी डाइट में गर्म तासीर वाली चीजें शामिल करते हैं, तो कान्हा जी के लिए भी वैसा ही होना चाहिए।
- माखन-मिश्री नहीं: सर्दी में माखन-मिश्री की जगह केसर वाला गर्म दूध, बादाम का हलवा, गोंद के लड्डू या गुड़ से बनी चीजों का भोग लगाएं।
- रात को सोते समय हल्दी वाला गुनगुना दूध भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। इससे उनकी इम्यूनिटी (भाव के रूप में) बनी रहती है।
- तुलसी पत्र हर भोग में जरूर डालें।
4. रजाई और बिस्तर (Bedding)
दिन भर सिंहासन पर बैठने के बाद रात को उन्हें आराम की सख्त जरूरत होती है। सर्दी में उनके बिस्तर पर एक गद्देदार बिछौना लगाएं। ओढ़ने के लिए मखमली रजाई या कंबल (Blanket) का इंतजाम करें। कई भक्त तो अपने कान्हा जी के पास रात को हीटर या अंगीठी (सुरक्षित दूरी पर) भी जलाते हैं ताकि कमरे का तापमान सही रहे।
निष्कर्ष: सब कुछ 'भाव' का खेल है
अंत में, सबसे बड़ी बात यही है कि नियम-कानून से ज्यादा आपका प्रेम मायने रखता है। जब आप सुबह उठकर यह सोचते हैं कि "मेरे कान्हा को ठंड लग रही होगी," तो यही सबसे बड़ी पूजा है। अपने बाल-गोपाल को इस सर्दी में खूब लाड़-प्यार दें, यकीन मानिए आपके घर में खुशियों की भी गर्माहट बनी रहेगी।