खरीफ सीजन 2025 का हाल – धान और दलहन में बढ़त, तिलहन में गिरावट

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इस साल खरीफ फसलों की बुआई के आंकड़े किसानों के लिए उम्मीद जगाने वाले हैं। कृषि मंत्रालय के डेटा के अनुसार 15 अगस्त तक खरीफ सीजन में कुल फसलों का रकबा पिछले साल की तुलना में 4% बढ़ा है, यानी इस बार फसलें बड़े इलाके में बोई गई हैं। आइए, जानें विस्तार से—

खरीफ सीजन 2025 का हाल – धान और दलहन में बढ़त, तिलहन में गिरावट

कुल बुआई

15 अगस्त तक खरीफ फसलों का कुल रकबा 1,039.81 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया (पिछले साल इसी समय 1,002.41 लाख हेक्टेयर)।

यह आंकड़ा सामान्य रकबा के काफी करीब है (1,096.65 लाख हेक्टेयर)।

धान का रकबा

सबसे ज्यादा उन्नति धान के रकबे में, अब तक 398.59 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया (पिछले साल 362.92 लाख हेक्टेयर)।

लगभग 10% ज्यादा बोआई हुई है। सामान्य तौर पर धान का रकबा 403.09 लाख हेक्टेयर होता है।

मोटा अनाज और दलहन

मोटे अनाज का रकबा 4.7% बढ़कर 178.73 लाख हेक्टेयर पहुंच गया।

मक्का का रकबा 91.89 लाख हेक्टेयर हो गया, जो सामान्य आंकड़े से भी ज्यादा है।

उड़द में 4.63% और मूंग में 2.87% की बढ़त।

दलहन कुल 109.52 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा (पिछले साल 108.39 लाख हेक्टेयर)।

प्रमुख दलहन अरहर में 3% की गिरावट।

तिलहन फसलें

तिलहन का बुआई रकबा घटकर 178.64 लाख हेक्टेयर रहा (पिछले साल 185.38 लाख हेक्टेयर)।

3.63% की कमी दर्ज की गई।

सोयाबीन बोआई में भी गिरावट—अब 119.82 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल से 3.83 लाख हेक्टेयर कम है।

गन्ना और कपास

गन्ने का रकबा 2.94% बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर हुआ (पिछले साल 55.68 लाख हेक्टेयर)।

कपास में गिरावट, अब 107.87 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 111.11 लाख हेक्टेयर)—2.91% की कमी।

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