Kanya Sankranti 2025 : सितंबर में सूर्य का बड़ा बदलाव, इन आसान उपायों से भर जाएगी तिजोरी, मिलेगा मान-सम्मान

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News India Live, Digital Desk: ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। जब भी सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसका असर सभी लोगों के जीवन पर पड़ता है। इस घटना को 'संक्रांति' कहते हैं। 17 सितंबर को सूर्य देव अपनी सिंह राशि से निकलकर बुध की कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस दिन को 'कन्या संक्रांति' के रूप में मनाया जाएगा।

कन्या संक्रांति का दिन बेहद ख़ास माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, स्नान और दान-पुण्य करने से कई गुना फल मिलता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किए गए कुछ आसान उपाय जीवन में आ रही धन की तंगी को दूर कर सकते हैं और समाज में मान-सम्मान भी दिलाते हैं। चलिए जानते हैं कि इस शुभ दिन पर आप कौन से उपाय कर सकते हैं।

कन्या संक्रांति 2025: तारीख और पुण्य काल

  • कन्या संक्रांति की तारीख: 17 सितंबर, 2025, बुधवार
  • पुण्य काल का समय: सुबह 06 बजकर 07 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक।

यह समय स्नान, दान और पूजा-पाठ के लिए सबसे उत्तम माना गया है।

इस दिन जरूर करें ये 5 आसान उपाय

  1. सूर्य देव को अर्घ्य दें: संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और तांबे के लोटे में साफ पानी, रोली (कुमकुम) और अक्षत (चावल) डालकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। यह उपाय कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है।
  2. पितरों के नाम से दान: कन्या संक्रांति का दिन पितृ पक्ष के दौरान आता है, इसलिए इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन अपने पूर्वजों को याद करते हुए किसी जरूरतमंद ब्राह्मण को अनाज, वस्त्र या अपनी क्षमता अनुसार दक्षिणा दान करें। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-शांति आती है।
  3. गाय को खिलाएं हरा चारा: हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। कन्या संक्रांति के दिन गाय को हरा चारा खिलाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
  4. घी और तेल का दान: अगर आप लंबे समय से किसी बीमारी से परेशान हैं या सेहत ठीक नहीं रहती है, तो इस दिन घी और तेल का दान करना चाहिए। इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है।
  5. भगवान विश्वकर्मा की पूजा: कन्या संक्रांति को 'विश्वकर्मा जयंती' के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से व्यापार और कामकाज में सफलता मिलती है।

ये छोटे और आसान उपाय आपके जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इस कन्या संक्रांति पर इन्हें पूरी श्रद्धा के साथ आजमाएं और सूर्य देव की कृपा प्राप्त करें।