भूकंप गे और लेस्बियन की वजह से आता है ,कन्हैया भेलारी का अजीबोगरीब दावा, रोहिणी आचार्य ने धो डाला

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News India Live, Digital Desk : सोशल मीडिया की दुनिया बड़ी अजीब है, यहाँ कब कौन क्या बोल दे, कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन इस बार बिहार के चर्चित पत्रकार कन्हैया भेलारी (Kanhaiya Bhelari) ने जो दावा किया है, उसे सुनकर आपका सर चकरा जाएगा। हंसी भी आएगी और गुस्सा भी।

दरअसल, कन्हैया भेलारी ने एक ऐसा ज्ञान साझा किया है जिसका साइंस से तो क्या, सिर-पैर से भी कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने फरमाया है कि दुनिया में "भूकंप इसलिए आते हैं क्योंकि गे और लेस्बियन (Gay and Lesbian) रिश्ते बढ़ रहे हैं।"

अब जाहिर सी बात है, 21वीं सदी में ऐसा बयान सुनेंगे तो किसी का भी माथा ठनक जाएगा। लेकिन बिहार की राजनीति में हमेशा एक्टिव रहने वालीं लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) से यह बर्दाश्त नहीं हुआ।

रोहिणी ने ली 'अच्छी वाली' खबर
रोहिणी आचार्य, जो अपने बेबाक अंदाज और विरोधियों को करारा जवाब देने के लिए जानी जाती हैं, इस बयान को देखते ही बरस पड़ीं। उन्होंने कन्हैया भेलारी को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई।

रोहिणी का कहना साफ था कि ऐसी दकियानूसी और अजीबोगरीब बातें करने वालों को शायद इलाज की ज़रुरत है। सोशल मीडिया पर लोगों को यह 'युद्ध' देखकर पुरानी बातें याद आ गईं। यह पहली बार नहीं है जब रोहिणी ने कन्हैया भेलारी की क्लास लगाई हो।

क्या है पुरानी 'दुश्मनी'?
अगर आप बिहार की ख़बरों पर नज़र रखते हैं, तो आपको पता होगा कि कन्हैया भेलारी और लालू परिवार के बीच 'छत्तीस का आंकड़ा' चलता रहता है। अक्सर कन्हैया भेलारी लालू यादव या तेजस्वी यादव पर तीखे कटाक्ष करते हैं, और हर बार सिंगापुर से रोहिणी आचार्य उनका 'डिफेंस' और 'अटैक' दोनों करती हैं।

कभी भेलारी लालू परिवार पर तंज कसते हैं, तो कभी रोहिणी उन्हें "चाटुकार" या "मानसिक तौर पर बीमार" बता देती हैं। लेकिन इस बार मामला राजनीति से हटकर एक ऐसे अजीब लॉजिक पर पहुंच गया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है।

सोशल मीडिया का रिएक्शन
सिर्फ रोहिणी ही नहीं, आम जनता भी इस बयान पर मजे ले रही है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या "टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates)" अब रिश्तों को देखकर हिलती हैं? बहरहाल, कन्हैया भेलारी फिर से चर्चा में तो आ गए हैं, लेकिन शायद गलत वजहों से।

यह विवाद फिर साबित करता है कि बिहार की राजनीति और वहां के बयानों का कोई मुकाबला नहीं है—यहाँ कब साइंस फ़ैल हो जाए और 'कहानियां' शुरू हो जाएं, पता ही नहीं चलता!