JTET 2026 : झारखंड में शिक्षक बनना हुआ आसान अब B.Sc. डिग्री वाले भी बन सकेंगे साइंस-मैथ्स टीचर, सरकार ने बदली नियमावली
News India Live, Digital Desk: झारखंड सरकार ने राज्य के हजारों युवाओं को बड़ी सौगात दी है। शिक्षा विभाग ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की नियमावली में संशोधन करते हुए अब B.Sc. (बैचलर ऑफ साइंस) डिग्री धारकों को कक्षा 6 से 8 (मिडल स्कूल) के लिए विज्ञान और गणित शिक्षक के पद के लिए पात्र घोषित कर दिया है। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों के लिए रास्ते खुल गए हैं जो केवल स्नातक स्तर की तकनीकी विशिष्टताओं के कारण अब तक इस दौड़ से बाहर थे।
क्या हुआ है बदलाव?
अब तक की नियमावली में विषयों के तालमेल (Subject Combination) को लेकर कुछ पेचीदगियां थीं, लेकिन नई अधिसूचना के बाद पात्रता के नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं:
विषयों की छूट: अब विज्ञान संकाय (Science Stream) से स्नातक करने वाले छात्र, जिन्होंने मुख्य विषयों के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, या जीव विज्ञान पढ़ा है, वे गणित और विज्ञान के शिक्षक बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इंजीनियरिंग छात्र भी रेस में: सरकार ने स्पष्ट किया है कि गणित और विज्ञान की पर्याप्त पढ़ाई करने वाले तकनीकी डिग्री धारकों के आवेदनों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है, बशर्ते वे निर्धारित शैक्षणिक मापदंडों को पूरा करते हों।
क्यों लिया गया यह फैसला?
शिक्षकों की कमी: झारखंड के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से विज्ञान और गणित के शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
नियमों का सरलीकरण: पुराने नियमों की वजह से कई मेधावी छात्र परीक्षा में बैठने से वंचित रह जाते थे। पात्रता के दायरे को बढ़ाकर सरकार अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवारों को मौका देना चाहती है।
JTET 2026 की तैयारी: राज्य सरकार जल्द ही बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने वाली है, जिसके लिए JTET का आयोजन किया जाना है।
JTET 2026 परीक्षा का स्वरूप
स्तर-1: कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों के लिए।
स्तर-2: कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए (यहीं विज्ञान-गणित के नए नियम लागू होंगे)।
अनिवार्यता: झारखंड में सरकारी शिक्षक बनने के लिए JTET पास करना अनिवार्य है।