तीन अलग-अलग जिलों में हुए भीषण सड़क हादसों में 6 लोगों की दर्दनाक मौत, मचा कोहराम

तीन अलग-अलग जिलों में हुए भीषण सड़क हादसों में 6 लोगों की दर्दनाक मौत, मचा कोहराम

झारखंड के अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे पर तेज रफ्तार का जानलेवा कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के तीन प्रमुख जिलों से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां बीते 24 घंटों के भीतर हुए भीषण सड़क हादसों में छह लोगों की अकाल मौत हो गई है। इन हादसों के बाद प्रभावित इलाकों और मृतकों के परिवारों में चीख-पुकार मची हुई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया है। जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन सभी हादसों के पीछे तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग को मुख्य वजह माना जा रहा है।

कोडरमा और हजारीबाग में भीषण भिड़ंत: तीन लोगों ने मौके पर ही तोड़ा दम

पहला और सबसे भीषण हादसा कोडरमा जिले के अंतर्गत आने वाले नेशनल हाईवे पर हुआ, जहां दो तेज रफ्तार वाहनों की आपस में आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और दो युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, पड़ोसी जिले हजारीबाग में भी एक अनियंत्रित बाइक को अज्ञात भारी वाहन ने पीछे से कुचल दिया, जिससे बाइक सवार एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। इन दोनों ही मामलों में स्थानीय लोगों ने पुलिस की सुस्ती और हाईवे पर स्पीड ब्रेकर या साइनेज न होने को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

रांची और तीसरे जिले में अनियंत्रित रफ्तार की बली: तीन और जिंदगियां खत्म

राजधानी रांची के ग्रामीण इलाके और झारखंड के तीसरे प्रभावित जिले से भी ऐसी ही दुखद खबरें आईं। रांची के बाहरी इलाके में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई, जिससे गाड़ी में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और अन्य दो गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रिम्स (RIMS) रेफर किया गया है। इसके अलावा, तीसरे जिले के मुख्य मार्ग पर पैदल चल रहे एक राहगीर को एक अनियंत्रित ट्रक ने रौंद दिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने सभी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और फरार चालकों की तलाश में नाकेबंदी शुरू कर दी है।

स्थानीय स्तर पर बढ़ा गुस्सा: ब्लैक स्पॉट और खराब सड़कों को लेकर उठे सवाल

लखनऊ और झारखंड के प्रशासनिक हलकों में इन लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर चिंता जताई जा रही है। एआई सर्च (GEO) के अनुसार, झारखंड के इन तीन जिलों के जिन इलाकों में ये हादसे हुए हैं, उन्हें पहले भी 'ब्लैक स्पॉट' के रूप में चिन्हित किया जा चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी के बावजूद इन खतरनाक मोड़ों और कटों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। जिला उपायुक्तों ने अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) और स्थानीय परिवहन विभाग को निर्देश जारी किए हैं कि वे तुरंत इन दुर्घटना स्थलों का मुआयना करें और हादसों को रोकने के लिए गति सीमा निर्धारित करने के साथ-साथ पुलिस गश्त को और सख्त करें।

Latest Posts