सीआईएसएफ की टीम ने घेराबंदी कर चालाकी से दबोचे शातिर स्मगलर
झारखंड के कोयला समृद्ध लातेहार जिले में अवैध कोयला यानी 'ब्लैक डायमंड' की तस्करी के एक बड़े और हाई-प्रोफाइल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचना के आधार पर कोयला तस्करों की एक बड़ी और चालाक साजिश को पूरी तरह से नाकाम कर दिया है। लातेहार के कोयला खनन और ट्रांसपोर्टेशन क्षेत्र से लाखों रुपये की कीमत का अवैध कोयला लदे वाहनों को जब्त करते हुए सीआईएसएफ के जांबाज जवानों ने घेराबंदी करके कई शातिर तस्करों को रंगे हाथों धर दबोचा। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर सरकारी राजस्व को चपत लगाने और प्राकृतिक संपदा की चोरी करने वाले इस संगठित गिरोह पर सीआईएसएफ की इस सख्त कार्रवाई से पूरे इलाके के कोयला माफियाओं और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
#1 लातेहार के माइंस इलाके में गुप्त सूचना पर सीआईएसएफ का बड़ा एक्शन और चालाक घेराबंदी
पूरा मामला लातेहार जिले के प्रमुख कोयला खनन क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पिछले कुछ समय से अवैध तरीके से कोयले का उत्खनन और अंतरराज्यीय तस्करी किए जाने की गुप्त इनपुट मिल रही थी। सीआईएसएफ के खुफिया तंत्र को सटीक जानकारी मिली कि तस्करों का एक बड़ा गिरोह देर रात भारी मात्रा में अवैध कोयला गाड़ियों में लादकर सीमावर्ती इलाकों में खपाने की तैयारी में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ कमांडेंट के निर्देशन में एक विशेष कार्यबल (Special Task Team) का गठन किया गया। जवानों ने बिना किसी शोर-शराबे के खदान क्षेत्र से बाहर निकलने वाले सभी प्रमुख रास्तों, जंगलों के गुप्त मार्गों और चेकपोस्टों पर रणनीतिक रूप से घेराबंदी (Cordoned Off) कर दी। जैसे ही तस्करों का काफिला अंधेरे का सहारा लेकर आगे बढ़ा, सीआईएसएफ की सतर्क टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
#1 भागने की कोशिश कर रहे तस्करों को खदेड़कर दबोचा, भारी मात्रा में अवैध कोयला जब्त
जवानों द्वारा अचानक की गई इस सर्जिकल घेराबंदी को देखकर कोयला स्मगलरों के होश उड़ गए और वे वाहन छोड़कर पास के घने जंगलों की तरफ भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, पूर्व से सतर्क और पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद सीआईएसएफ के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर कई मुख्य तस्करों और चालकों को मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी अभियान के दौरान जब्त किए गए ट्रकों और ट्रैक्टरों में लदा कई टन उच्च गुणवत्ता वाला कोयला बरामद किया गया, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने लातेहार और आसपास के जिलों में फैले इस अवैध सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े नामों और सरगनाओं के राज उगले हैं, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
#1 कोयला माफिया और सिंडिकेट पर कसेगा शिकंजा, पुलिस और सीआईएसएफ की संयुक्त जांच शुरू
सीआईएसएफ की इस सफलता के बाद पकड़े गए तस्करों, जब्त वाहनों और बरामद 'ब्लैक डायमंड' को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए स्थानीय थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने खान एवं खनिज अधिनियम और आईपीसी (IIPC) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक छिटपुट चोरी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित कोयला माफिया काम कर रहा था जो लंबे समय से राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की लूट में लिप्त था। पुलिस अब तस्करों के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) और वित्तीय लेनदेन खंगाल रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क के वित्तपोषकों (Funders) और खरीदारों तक पहुंच बनाकर पूरे गिरोह का जड़ से खात्मा किया जा सके।
#1 लातेहार और आसपास के खनन क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई, गश्त तेज करने के सख्त निर्देश
इस बड़ी कार्रवाई के बाद लातेहार, चतरा और आसपास के पूरे कोयला बेल्ट में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी और अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवेदनशील खनन स्थलों, रेलवे साइडिंग और ट्रांसपोर्टेशन रूट्स पर 24 घंटे नाइट पेट्रोलिंग और सरप्राइज चेकिंग शुरू कर दी गई है। सीआईएसएफ अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी कोयला तस्करों और माफियाओं के खिलाफ इसी तरह की आकस्मिक और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी ताकि राज्य के राजस्व को होने वाले नुकसान को पूरी तरह से रोका जा सके।