रांची के डॉक्टर से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला मुख्य सरगना गिरफ्तार: 42 बार फोन करके दी थी जान से मारने की धमकी, पुलिस ने दबोचा

रांची के डॉक्टर से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला मुख्य सरगना गिरफ्तार: 42 बार फोन करके दी थी जान से मारने की धमकी, पुलिस ने दबोचा

झारखंड की राजधानी रांची से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है, जहां चिकित्सा जगत में दहशत का पर्याय बन चुके एक बड़े और सनसनीखेज रंगदारी मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने आखिरकार धर दबोचा है। रांची के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर से अपनी जान बचाने के एवज में पांच करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती की मांग की गई थी, और जब डॉक्टर ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो आरोपी ने उन्हें एक-दो बार नहीं बल्कि कुल 42 बार फोन करके लगातार हत्या की धमकियां दी थीं। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने न केवल झारखंड के मेडिकल एसोसिएशन बल्कि पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया था, क्योंकि अपराधियों के इस तरह के दुस्साहस से शहर के डॉक्टर और व्यापारी वर्ग काफी डरे हुए थे। रांची पुलिस और एंटी-एक्सटॉर्शन सेल की संयुक्त कार्रवाई के बाद आखिरकार इस शातिर अपराधी तक पहुंचने में सफलता हासिल हुई, जिसके बाद से पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है और पुलिस की इस कार्रवाई की चहुंओर प्रशंसा की जा रही है।

रांची में डॉक्टरों की सुरक्षा और बढ़ते रंगदारी के मामलों की खौफनाक हकीकत

झारखंड की राजधानी रांची पिछले कुछ समय से अपराधियों और कुख्यात गैंगस्टरों के निशाने पर रही है, जहां अक्सर व्यवसायियों और डॉक्टरों को निशाना बनाकर करोड़ों की रंगदारी मांगी जाती है। इस ताजा मामले में जब एक नामी डॉक्टर को अज्ञात नंबरों से लगातार धमकियां मिलने लगीं, तो उनका पूरा परिवार और अस्पताल प्रबंधन गहरे मानसिक तनाव में आ गया था। अपराधियों का दुस्साहस इस हद तक बढ़ चुका था कि वे डॉक्टर के क्लिनिक और घर की रेकी करने के साथ-साथ उन्हें लगातार यह अहसास करा रहे थे कि वे हर वक्त उनके रडार पर हैं। डॉक्टरों जैसे बुद्धिजीवी वर्ग के खिलाफ इस तरह के अपराध न केवल समाज की कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हैं, बल्कि यह भी साबित करते हैं कि किस प्रकार शातिर अपराधी तकनीक का इस्तेमाल करके पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते हैं। रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ा और अपराधियों की इस पूरी चेन को तोड़ने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।

42 बार फोन कॉल और जान से मारने की खौफनाक धमकियां

जांच के दौरान पुलिस के हाथ जो तकनीकी साक्ष्य लगे, उन्होंने खुद पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। मुख्य आरोपी ने डॉक्टर पर दबाव बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी और उसने महज कुछ ही दिनों के भीतर अलग-अलग वर्चुअल नंबरों और इंटरनेट कॉल्स के जरिए कुल 42 बार डॉक्टर को फोन किया था। हर कॉल में पांच करोड़ रुपये की फिरौती की मांग दोहराई जाती थी और यह चेतावनी दी जाती थी कि अगर पुलिस को सूचना दी गई या पैसे नहीं पहुंचाए गए, तो डॉक्टर और उनके परिवार के सदस्यों को दुनिया से मिटा दिया जाएगा। इस तरह के मानसिक प्रताड़ना और खौफ के माहौल के बीच डॉक्टर ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और स्थानीय थाने से संपर्क किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और तकनीकी सर्विलांस सेल की मदद से कॉल्स की लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया, जो अंततः सफलता तक पहुंच गई।

पुलिस की विशेष टीम द्वारा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का पूरा ऑपरेशन

रांची पुलिस और साइबर सेल की तकनीकी टीम ने दिन-रात एक करके उन डिजिटल सुरागों का पीछा किया जिनका इस्तेमाल रंगदारी मांगने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने झारखंड के विभिन्न ठिकानों के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी अपनी खुफिया इकाइयों को सक्रिय किया, ताकि मुख्य सरगना को दबोचा जा सके। आखिरकार पुलिस को पुख्ता सुराग हाथ लग गए और एक गुप्त सूचना के आधार पर रांची के एक संदिग्ध इलाके में दबिश देकर मुख्य आरोपी को धर दबोचा गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी के पास से वे मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद कर लिए गए हैं जिनका इस्तेमाल डॉक्टर को धमकी देने के लिए किया गया था। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और यह भी खुलासा किया है कि इस साजिश में उसके कुछ अन्य स्थानीय सहयोगी भी शामिल थे, जिनकी तलाश में अब पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

डॉक्टरों और व्यापारियों में राहत की सांस, पुलिस महकमे की सराहना

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही रांची के डॉक्टरों, नर्सिंग होम संचालकों और व्यापारिक संगठनों ने चैन की सांस ली है। इस गिरफ्तारी से अपराधियों को एक कड़ा संदेश गया है कि कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) झारखंड चैप्टर और स्थानीय डॉक्टरों ने पुलिस प्रशासन की इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया है, साथ ही यह मांग भी की है कि शहर के सभी प्रमुख चिकित्सकों और व्यवसायियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल किसी भी अन्य अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और बहुत जल्द सभी को अदालत के कटघरे में खड़ा करके कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातों को दोहराने की कोई हिम्मत न कर सके।

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