रियल एस्टेट कारोबारी की गोली मारकर हत्या, कोलकाता पुलिस का ट्रैफिक सार्जेंट और महिला वॉलंटियर गिरफ्तार

रियल एस्टेट कारोबारी की गोली मारकर हत्या, कोलकाता पुलिस का ट्रैफिक सार्जेंट और महिला वॉलंटियर गिरफ्तार

झारखंड की धरती पर अपराध और खौफ का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक और कारोबारी जगत में सनसनी फैला दी है। राज्य के भीतर एक जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने जब इस गुत्थी को सुलझाना शुरू किया तो जो सच सामने आया उसने हर किसी के होश उड़ा दिए। इस सनसनीखेज हत्याकांड के आरोप में किसी आम अपराधी को नहीं, बल्कि कानून की रखवाली करने वाली वर्दी से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में कोलकाता पुलिस का एक यातायात सार्जेंट (ट्रैफिक सार्जेंट) और एक महिला स्वयंसेवक (महिला वॉलंटियर) शामिल हैं, जिनकी इस खौफनाक साजिश में सीधी संलिप्तता पाई गई है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्त्री ने यह साबित कर दिया है कि कैसे आपराधिक मानसिकता वाले लोग अपनी ताकत और ओहदे का गलत इस्तेमाल करके बड़ी वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस और एसआईटी इस पूरे मामले की अंदरूनी परतों को खंगालने में जुटी हुई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और इस सिंडिकेट में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

रियल एस्टेट कारोबारी की हत्या से दहल उठा कारोबारी जगत

झारखंड में प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट का कारोबार करने वाले व्यवसायियों के बीच इस जघन्य हत्याकांड के बाद से भारी दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। मृतक कारोबारी अपने क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम था, जिसका उठना-बैठना और व्यावसायिक लेन-देन कई बड़े लोगों के साथ था। अचानक हुई इस वारदात ने व्यवसायियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं कि जब इस स्तर के लोग भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की क्या स्थिति होगी। हत्या की इस घटना को बहुत ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावरों ने पूरी प्लानिंग के साथ कारोबारी को अपने जाल में फंसाया और फिर रास्ते से हटा दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की गई। कारोबारी जगत के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे हत्याकांड की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि इस साजिश के पीछे छिपे हर एक चेहरे को बेनकाब किया जा सके।

कोलकाता पुलिस के ट्रैफिक सार्जेंट और महिला वॉलंटियर की गिरफ्तारी

इस मर्डर मिस्ट्री का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि झारखंड से ताल्लुक रखने वाले इस हत्याकांड के तार सीधे कोलकाता पुलिस से जुड़ते नजर आए हैं। अनुसंधान के दौरान पुलिस के हाथ जो इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी सबूत लगे, उन्होंने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में तैनात एक ट्रैफिक सार्जेंट और एक महिला स्वयंसेवक की भूमिका को संदिग्ध पाया। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा, जिनसे लगातार कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। एक पुलिसकर्मी का इस तरह से किसी क्रिमिनल मर्डर केस में मुख्य आरोपी के तौर पर पकड़ा जाना खाकी वर्दी पर एक बहुत बड़ा कलंक है, जो कानून व्यवस्था की साख पर भी सवाल खड़े करता है। महिला वॉलंटियर और ट्रैफिक सार्जेंट के बीच क्या संबंध थे और उन्होंने किस निजी रंजिश या व्यावसायिक विवाद के चलते इस खूनी खेल को रचा, यह पुलिस की पूछताछ के बाद ही पूरी तरह से साफ हो पाएगा। बहरहाल, दोनों की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने अभी बाकी हैं।

जमीन के खेल, आपसी रंजिश और कानून के रखवालों की काली करतूत

शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आ रही है कि इस पूरी हत्या के पीछे जमीन के बड़े सौदे, पैसों के लेन-देन या किसी गहरी आपसी रंजिश का हाथ हो सकता है। रियल एस्टेट के कारोबार में अक्सर करोड़ों रुपये के विवाद जुड़े होते हैं, और कई बार लोग शॉर्टकट अपनाने के लिए अपराधियों या भ्रष्ट अधिकारियों का सहारा ले लेते हैं। जब खाकी पहनने वाले लोग ही कानून को अपने हाथ में लेकर हत्या जैसे जघन्य अपराधों में शामिल होने लगें, तो न्याय व्यवस्था पर से जनता का भरोसा डगमगाने लगता है। झारखंड और बंगाल पुलिस इस मामले में आपसी तालमेल बिठाकर काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस अपराध में शामिल कोई भी शख्स कानून की गिरफ्त से बच न सके। इस तरह की घटनाएं समाज को अंदर से खोखला कर देती हैं और यह दिखाती हैं कि कैसे लालच और सत्ता की हवस इंसान को अंधा बना देती है। आने वाले दिनों में अदालत और पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई तय करेगी कि इन आरोपियों को उनके किए की कितनी कड़ी सजा मिलती है।