अब सड़क निर्माण में नहीं चलेगी सुस्ती! CM के 'एक्शन मोड' से मचा हड़कंप, प्रोजेक्ट्स के लिए तय की 2 महीने की डेडलाइन

अब सड़क निर्माण में नहीं चलेगी सुस्ती! CM के 'एक्शन मोड' से मचा हड़कंप, प्रोजेक्ट्स के लिए तय की 2 महीने की डेडलाइन

झारखंड में लंबे समय से लंबित पड़ी सड़क परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने अब सख्त तेवर अपना लिए हैं। राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को गड्ढा मुक्त सड़कों की सौगात देने के लिए सीएम ने 'एक्शन मोड' में आते हुए सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि परियोजनाओं में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधूरे कार्य हर हाल में अगले दो महीने की डेडलाइन के भीतर पूरे करने होंगे। इस निर्देश के बाद निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

परियोजनाओं की समीक्षा और सीएम की दो टूक चेतावनी

मुख्यमंत्री ने हाल ही में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्य भर में चल रहे रोड कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स की धीमी गति पर नाराजगी जताई। सीएम ने कहा कि बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद अगर काम पूरा नहीं हो रहा है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने दो महीने का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि के दौरान कार्यों की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा की जाएगी। किसी भी स्तर पर अगर काम में देरी या क्वालिटी के साथ समझौता पाया गया, तो संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जवाबदेही तय करने का नया फॉर्मूला

इस बार सीएम ने सिर्फ डेडलाइन ही तय नहीं की है, बल्कि जवाबदेही (Accountability) भी फिक्स कर दी है। हर सड़क परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो साप्ताहिक रिपोर्ट सीधे सीएमओ को भेजेगा। यदि किसी भी जिले में सड़क का काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों की होगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि काम को केवल फाइलों तक सीमित न रखकर उसे धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारा जाए।

आम जनता को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी की सौगात

झारखंड में सड़कों की खराब हालत को लेकर लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं, जिससे व्यापार और आवागमन प्रभावित हो रहा था। सीएम के इस कदम से राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है। दो महीने की इस डेडलाइन के बाद राज्य की प्रमुख सड़कों की तस्वीर बदलने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा। सीएम के इस कड़े रुख को देखते हुए अब निर्माण एजेंसियों ने भी काम की गति तेज कर दी है, जिससे आने वाले समय में झारखंड की सड़कों पर सफर आसान और सुरक्षित होने वाला है।

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