श्रावणी मेला में वीआईपी और वीवीआईपी के 'आउट ऑफ टर्न' दर्शन पर लगाम! मंत्री सुदिव्य कुमार ने समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश

श्रावणी मेला में वीआईपी और वीवीआईपी के 'आउट ऑफ टर्न' दर्शन पर लगाम! मंत्री सुदिव्य कुमार ने समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश

पवित्र पावन मास श्रावणी मेला (Shrawani Mela 2026) के दौरान झारखंड के देवघर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा है। देश के कोने-कोने से आने वाले शिव भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी को समान रूप से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन मिल सकें, इसके लिए इस बार प्रशासन और सरकार ने बेहद कड़े कदम उठाए हैं। मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सबसे बड़ा और अहम फैसला यह लिया गया है कि सावन मेले के दौरान किसी भी वीआईपी या वीवीआईपी (VIP-VVIP) के लिए 'आउट ऑफ टर्न' यानी बिना कतार के सीधे दर्शन कराने की सुविधा पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी।

आम श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम जलार्पण को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता

हर साल श्रावण मास में लाखों की संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन कई बार वीआईपी मूवमेंट और विशेष सिफारिशों के चलते आम भक्तों की कतारों को रोकना पड़ता था, जिससे भारी अव्यवस्था फैलती थी। श्रद्धालुओं की इसी परेशानी और लंबे इंतजार को खत्म करने के लिए इस बार राज्य सरकार ने यह स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वीआईपी हो या आम नागरिक, सभी को नियमबद्ध तरीके से एक ही कतार से गुजरकर बाबा का जलाभिषेक करना होगा। मंत्री सुदिव्य कुमार ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि आम जनता की आस्था और सुविधा सर्वोपरि है, इसलिए किसी भी स्तर पर नियमों में वीआईपी छूट नहीं दी जाएगी।

सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज

भौगोलिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस राजकीय मेले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने रूट लाइनर, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर, बिजली आपूर्ति और साफ-सफाई जैसे तमाम जरूरी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की। पिछले वर्षों के अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए विशेष तकनीक और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और भगदड़ जैसी घटनाओं की कोई गुंजाइश न बचे।

कांवरियों के लिए विशेष इंतजाम, अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश

झारखंड सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि इस बार का श्रावणी मेला अब तक का सबसे सुगम और सुरक्षित मेला साबित हो। कांवरिया मार्ग पर जगह-जगह विश्राम गृह, मेडिकल एड और सुरक्षा कर्मियों के दल मुस्तैद किए गए हैं। सरकार के इस सख्त फैसले से जहाँ एक ओर आम श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और संतोष का माहौल है, वहीं अधिकारियों पर भी मेले को सफलतापूर्वक संपन्न कराने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। यदि आप भी इस सावन बाबाधाम की यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो प्रशासन के नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी यात्रा पूरी करें।

 

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