झारखंड के 11 जिलों में मौसम विभाग का हाई अलर्ट, 60KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

झारखंड के 11 जिलों में मौसम विभाग का हाई अलर्ट, 60KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

झारखंड में मानसून की एंट्री के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र ने राज्य के 11 जिलों के लिए एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग और बोकारो समेत कई इलाकों में बादल जबरदस्त गदर मचाने वाले हैं। इस दौरान आसमान में घने काले बादलों की आवाजाही के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने, मूसलाधार बारिश होने और भीषण वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है।

रांची और खूंटी समेत इन 11 जिलों पर मंडरा रहा है खतरा मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, इस चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी हवाओं का सबसे ज्यादा असर झारखंड के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिलेगा। प्रभावित होने वाले मुख्य जिलों में राजधानी रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। इन सभी जिलों में मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के बदलते रुख पर लगातार नजर बनाए रखें।

60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं और गिरेगी आकाशीय बिजली मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों के गरजने के साथ ही हवा की रफ्तार अचानक से काफी बढ़ सकती है। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ये तेज हवाएं कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके साथ ही सबसे बड़ा खतरा वज्रपात को लेकर है। झारखंड में मानसून के शुरुआती दिनों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं, जिसके चलते जान-माल के नुकसान की आशंका हमेशा बनी रहती है।

आईएमडी की आम नागरिकों के लिए विशेष गाइडलाइन और सुरक्षा उपाय खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए रांची मौसम केंद्र के प्रमुख ने लोगों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत जब तेज बारिश और बिजली कड़क रही हो, तब भूलकर भी किसी पेड़ के नीचे शरण न लें। किसान भाइयों को खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही बिजली के खंभों, ऊंचे टावरों और पक्के कंक्रीट के मकानों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि तेज आंधी के दौरान वे अपनी गाड़ियों को सुरक्षित जगह पर रोक लें।

तापमान में भारी गिरावट से मिली राहत, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण पूरे झारखंड में भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली है। अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम काफी सुहावना हो गया है। दूसरी तरफ, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासनों को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। बिजली विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि आंधी-तूफान के समय फॉल्ट होने पर तुरंत लाइन को ठीक किया जाए ताकि आम जनता को परेशानी न हो

Tags:

Latest Posts