झारखंड में आज आसमान से बरसेगी आफत! रांची-देवघर समेत 15 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
झारखंड के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की ओर से एक बेहद जरूरी और बड़ी चेतावनी सामने आई है। राज्य में मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। रांची स्थित मौसम केंद्र ने प्रदेश के 15 जिलों में झमाझम बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और खतरनाक आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी आज घर से बाहर निकलने वाले हैं, तो मौसम का हाल और अपने जिले की स्थिति को जानना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
इन 15 जिलों में जारी हुआ हाई अलर्ट, छाए रहेंगे काले बादल
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, जिन जिलों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, उनमें राजधानी रांची, बाबा नगरी देवघर, दुमका, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, हजारीबाग, जामताड़ा, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन इलाकों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो चुकी है और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है।
वज्रपात को लेकर मौसम विभाग की खास अपील, भूलकर भी न करें ये गलती
झारखंड में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से हर साल जान-माल का बड़ा नुकसान होता है। इसे देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। चेतावनी में साफ कहा गया है कि जब मौसम खराब हो या बिजली कड़क रही हो, तो किसान और आम नागरिक खेतों में जाने से बचें। इस दौरान भूलकर भी ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे मकानों के नीचे शरण न लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर दें और सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर ही रहें।
खेती-किसानी के लिए राहत, तापमान में आएगी भारी गिरावट
जहां एक तरफ वज्रपात का डर बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ इस बारिश से झारखंड के अन्नदाताओं के चेहरे खिल उठे हैं। धान की रोपनी के सीजन में इस बारिश को फसलों के लिए अमृत माना जा रहा है। लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पूरे राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय प्रशासन ने भी प्रभावित जिलों के अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।