Jharkhand Mining Accident: झारखंड के रामगढ़ में बड़ा हादसा! बंद खदान में अवैध खनन के दौरान भयंकर गैस रिसाव, जिंदगी और मौत के बीच जंग
झारखंड के रामगढ़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। यहां के अरगड्डा क्षेत्र में स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की एक बंद पड़ी कोयला खदान में अवैध उत्खनन के दौरान अचानक खतरनाक और जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। इस गैस रिसाव की वजह से खदान के भीतर कोयला निकालने घुसे चार स्थानीय मजदूरों की जान सीधे तौर पर सांसत में आ गई। दम घुटने जैसी स्थिति के बीच एक मजदूर किसी तरह सूझबूझ दिखाकर खदान से बाहर निकलने में कामयाब रहा, लेकिन उसके तीन साथी मजदूर अभी भी खदान की खतरनाक गहराइयों के भीतर ही फंसे हुए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जैसे ही इस भयानक हादसे की भनक आसपास के ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन को लगी, तुरंत मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की आला टीमें फौरन घटनास्थल पर पहुंच गईं और बिना एक पल गंवाए खदान के भीतर फंसे मजदूरों की जिंदगी बचाने के लिए एक युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। परिस्थितियों की संवेदनशीलता को देखते हुए हादसे वाली जगह पर डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल टीम और एम्बुलेंस को भी तैनात कर दिया गया है, ताकि बाहर निकाले जाने वाले मजदूरों को तुरंत मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया जा सके।
कोयला निकालने घुसे थे चार लोग, एक की बची जान पर तीन अब भी लापता
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, अरगड्डा की यह सीसीएल खदान पिछले काफी समय से पूरी तरह बंद पड़ी थी और इसे असुरक्षित घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद, शनिवार को चार मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर चोरी-छिपे कोयले का अवैध खनन करने के लिए इस गहरी खदान के भीतर दाखिल हुए थे। मजदूर खदान के काफी अंदर तक चले गए थे, तभी अचानक वहां जमीन के नीचे दबी कोई पुरानी और जहरीली गैस तेजी से लीक होने लगी।
गैस की गंध और सांस लेने में भारी तकलीफ महसूस होते ही चारों मजदूरों के बीच चीख-पुकार मच गई। इनमें से एक मजदूर ने हिम्मत दिखाई और जहरीले धुएं के बीच से रास्ता ढूंढते हुए किसी तरह रेंगकर खदान के मुहाने से बाहर आ गया। उसने बाहर आते ही चीखकर आसपास के लोगों को खदान के अंदर की भयावह स्थिति के बारे में बताया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बाकी के 3 मजदूर जहरीली गैस के प्रभाव के कारण अंदर ही बेहोश होकर या फंसकर रह गए, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहतकर्मी लगातार रेस्क्यू टनल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
अवैध खनन और सुरक्षा पर फिर उठे बड़े सवाल
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता खदान के भीतर फंसे तीनों इंसानी जीवनों को हर हाल में सुरक्षित और जिंदा बाहर निकालना है। इसके लिए खदान के भीतर ऑक्सीजन पहुंचाने और जहरीली गैस को बाहर खींचने के लिए हाई-पावर मशीनों की मदद ली जा रही है। हालांकि, बंद पड़ी खदानों में इस तरह के हादसों ने एक बार फिर सीसीएल और स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंद खदानों को पूरी तरह से सील न किए जाने के कारण अक्सर गरीब और बेबस लोग चंद रुपयों की खातिर मौत के इस कुएं में उतरने को मजबूर हो जाते हैं। फिलहाल पूरा जिला प्रशासन और बचाव दल मौके पर डटा हुआ है और दुआओं का दौर जारी है।