रांची-कोडरमा समेत झारखंड के 23 जिलों में आज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का तांडव, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट
झारखंड के मौसम का मिजाज एक बार फिर से पूरी तरह बदल गया है और बादलों की आवाजाही के बीच मानसून अपने उफान पर नजर आ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के निवासियों के लिए एक बहुत बड़ी और गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आज राजधानी रांची और कोडरमा समेत झारखंड के कुल 23 जिलों में झमाझम बारिश के साथ खतरनाक आंधी-तूफान और वज्रपात (Lightning) की पूरी संभावना है। प्रकृति के इस बदले हुए तेवर को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने और बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है, क्योंकि इस दौरान मौसम बेहद खतरनाक हो सकता है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा रहेगा आंधी और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, आज रांची, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, चतरा और पलामू समेत लगभग 23 जिलों में बादलों का डेरा रहेगा और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार काफी तेज हो सकती है, जो पेड़ों और बिजली के खंभों को गिराने के लिए काफी है। खासकर वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में लाइटिंग की चपेट में आने से कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
IMD की लोगों से खास अपील और सुरक्षा के उपाय
खराब मौसम की इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) और आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि जब भी आंधी-तूफान या भारी बारिश का दौर शुरू हो, तो वे किसी भी पेड़ के नीचे या कमजोर शेड के पास बिल्कुल न खड़े हों। खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लेने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा बिजली के उपकरणों को अनप्लग करके रखने और मोबाइल का इस्तेमाल खुले में न करने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
खेती-किसानी और तापमान पर क्या पड़ेगा असर
लगातार हो रही इस झमाझम बारिश से झारखंड के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर बढ़ने की समस्या भी सामने आ सकती है। किसानों के लिए यह बारिश धान की फसल के लिहाज से तो फायदेमंद है, लेकिन तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दे दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।