घरेलू विवाद में पति ने पत्नी पर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया, इलाज के दौरान मौत के बाद आरोपी फरार

घरेलू विवाद में पति ने पत्नी पर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया, इलाज के दौरान मौत के बाद आरोपी फरार

झारखंड के दुमका जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदनगढ़िया गांव में पारिवारिक कलह और आपसी अनबन ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में उजाड़ कर रख दिया। मामूली घरेलू विवाद के दौरान हैवान बने पति अर्जुन राय ने अपनी ही 25 वर्षीय पत्नी शनिचरिया देवी के ऊपर दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए पेट्रोल छिड़क दिया और फिर बेरहमी से उसमें आग लगा दी। इस भयानक अग्निकांड में महिला बुरी तरह से झुलस गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन गंभीर रूप से झुलस चुकी शनिचरिया देवी जिंदगी और मौत के बीच चल रहे इस लंबे संघर्ष को हार गई और इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से कलयुगी पति अर्जुन राय मौके से अपनी जान बचाकर फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस निर्मम हत्या की कड़ी निंदा कर रहा है।

घरेलू विवाद ने कैसे लिया एक खौफनाक और जानलेवा रूप

चंदनगढ़िया गांव की यह खौफनाक दास्तान इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे छोटी-छोटी घरेलू बातें और गुस्से का बेकाबू होना किसी की पूरी दुनिया को तबाह कर सकता है। मृतका 25 वर्षीय शनिचरिया देवी और उसके पति अर्जुन राय के बीच किसी बात को लेकर अक्सर अनबन रहती थी, लेकिन किसी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि यह आपसी कलह इतनी भयानक खूनी रंजिश में बदल जाएगी। वारदात के दिन जब घर के भीतर विवाद अपने चरम पर था, तब आरोपी पति ने अपना मानसिक संतुलन पूरी तरह खो दिया और गुस्से में आकर वहशीपन की सभी सीमाओं को लांघ गया। घर में रखे पेट्रोल को लाकर उसने अपनी पत्नी के शरीर पर उड़ेल दिया और एक छोटी सी चिंगारी ने पलभर में उस महिला के शरीर को अपनी आगोश में ले लिया। किसी भी रिश्ते में संवाद की कमी और सहनशीलता का खत्म हो जाना जब हद पार कर जाता है, तो इस तरह के हृदयविदारक परिणाम सामने आते हैं जो समाज के माथे पर एक बड़ा कलंक बन जाते हैं। इस घटना के बाद से मृतका के मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका एकमात्र यही कहना है कि उनकी बेटी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने उस घर में जन्म लिया और अपनी गृहस्थी को संभालने की कोशिश कर रही थी।

पश्चिम बंगाल के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई दर्दनाक मौत

आग की लपटों से घिरी शनिचरिया देवी की चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग पर काबू पाया, तब तक उसका शरीर बहुत बुरी तरह से झुलस चुका था। स्थिति की नजाकत को देखते हुए उसे तुरंत झारखंड की सीमा पार कर पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे बर्न वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। शुरुआती कुछ घंटों तक महिला ने जिंदगी की जंग लड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसके शरीर के अंदरूनी हिस्से और बाहरी त्वचा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके थे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद संक्रमण और अत्यधिक जलने के कारण उसकी सांसें थम गईं, जिससे अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। इस प्रकार की घटनाएं हमारी चिकित्सा व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और पुलिस तंत्र के सामने भी कई बड़े सवाल खड़े करती हैं कि आखिर कैसे घरेलू हिंसा के मामले इतने खतरनाक स्तर तक पहुंच जाते हैं। महिला की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव और घर तक पहुंची, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और इस अमानवीय कृत्य के प्रति लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश और आरोपी पति की तलाश जारी

अपनी ही पत्नी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से आरोपी पति अर्जुन राय गांव छोड़कर जंगल और आसपास के इलाकों में दुबक कर बैठा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही शिकारीपाड़ा थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और अस्पताल पहुंचकर मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस मामले में हत्या की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमों का गठन कर दिया है। दुमका और आसपास के सीमावर्ती जिलों में भी पुलिस लगातार दबिश दे रही है ताकि फरार चल रहे कातिल पति को जल्द से जल्द दबोचा जा सके और कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके। इस तरह के मामलों में त्वरित न्याय और सख्त सजा मिलना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी महिला या अपनी पत्नी के साथ इस तरह की दरिंदगी करने की हिम्मत न जुटा सके। समाज के हर वर्ग को मिलकर ऐसी घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी होगी और अपने आसपास नजर रखनी होगी ताकि किसी और बेटी की जिंदगी इस तरह से असमय न छीनी जा सके।