टाटानगर और झारखंड के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, जयपुर का सफर होगा आसान
भारतीय रेलवे ने झारखंड के प्रमुख औद्योगिक शहर टाटानगर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। पिछले लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि देश के वाणिज्यिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शुमार राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए झारखंड से कोई सीधी ट्रेन सेवा शुरू की जाए। खासकर झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में रहने वाले राजस्थानी समुदाय के लोगों के लिए यह एक लंबे अरसे से अधूरा सपना जैसा था। अब रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलने के बाद इस दिशा में आधिकारिक घोषणा हो चुकी है और आगामी 26 अक्टूबर से टाटानगर के रास्ते एक नई सीधी ट्रेन सेवा का शुभारंभ होने जा रहा है। इस नई ट्रेन के चलने से न केवल यात्रियों का सफर बेहद आरामदायक और सुगम हो जाएगा, बल्कि दो बड़े राज्यों के बीच की दूरियां भी काफी हद तक कम हो जाएंगी। रेलवे प्रशासन की ओर से इस संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और उद्घाटन समारोह को लेकर भी स्थानीय स्तर पर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
संतरागाछी से खातीपुरा (जयपुर) के बीच चलेगी नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन
रेलवे से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह नई ट्रेन पश्चिम बंगाल के संतरागाछी स्टेशन से चलकर टाटानगर, रांची और उत्तर प्रदेश-बिहार के विभिन्न चुनिंदा स्टेशनों से होते हुए जयपुर के पास स्थित खातीपुरा रेलवे स्टेशन तक अपनी यात्रा तय करेगी। ट्रेन संख्या 18601 और 18602 के रूप में संचालित होने वाली यह एक्सप्रेस ट्रेन दोनों दिशाओं में साप्ताहिक या नियमित अंतराल पर यात्रियों को अपनी सेवाएं देगी। स्थानीय सांसद और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में 26 अक्टूबर को टाटानगर रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर पहली बार रवाना किया जाएगा। इस ट्रेन के परिचालन से न सिर्फ झारखंड के लोगों को बल्कि बंगाल और बिहार के सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को भी राजस्थान जाने के लिए एक सीधा और सुरक्षित विकल्प मिल जाएगा। यात्रियों को अब बिना किसी अतिरिक्त झंझट के एक ही ट्रेन में बैठकर सीधे जयपुर तक का सफर तय करने का बड़ा लाभ मिलने वाला है।
जानिए क्या होगा इस ट्रेन का संभावित रूट, टाइमिंग और प्रमुख ठहराव
इस नई ट्रेन के टाइम टेबल और रूट चार्ट को लेकर यात्रियों में भारी उत्सुकता बनी हुई है। प्रस्तावित शेड्यूल के मुताबिक, यह ट्रेन संतरागाछी से दोपहर के वक्त रवाना होकर शाम को टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसके पश्चात यह ट्रेन चांडिल, पुरुलिया, मुरी, रांची, लोहरदगा, टोरी, लातेहार, डाल्टनगंज, गढ़वा, सासाराम, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज और कानपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होते हुए आगे बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश और हरियाणा-दिल्ली के रूट से गुजरते हुए यह ट्रेन तय समय पर राजस्थान में प्रवेश करेगी और जयपुर के निकट खातीपुरा स्टेशन पर अपनी यात्रा समाप्त करेगी। वापसी की दिशा में भी यही ट्रेन निर्धारित समय पर खातीपुरा से चलकर अगले दिन टाटानगर और संतरागाछी पहुंचेगी। रेलवे द्वारा इस बात के भी प्रयास किए जा रहे हैं कि उद्घाटन के तुरंत बाद इसकी नियमित बुकिंग IRCTC पोर्टल और रेलवे आरक्षण केंद्रों पर शुरू कर दी जाए ताकि यात्री समय रहते अपने टिकट बुक कर सकें।
व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मिलेगा एक नया आयाम
टाटानगर से जयपुर के बीच इस सीधी रेल सेवा के शुरू होने से केवल यात्रियों को ही आवागमन में सहूलियत नहीं मिलेगी, बल्कि इससे व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी पंख लगेंगे। झारखंड और राजस्थान के बीच औद्योगिक उत्पादों, कपड़ों, हस्तशिल्प और मार्बल के व्यापार से जुड़े कारोबारियों के लिए यह ट्रेन एक लाइफलाइन साबित होगी। इसके अलावा जो पर्यटक राजस्थान के ऐतिहासिक किलों, महलों और संस्कृति का आनंद लेने के लिए जाना चाहते हैं, वे अब बिना किसी ट्रेन बदलाव के सीधे सफर का लुत्फ उठा सकेंगे। चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है। आने वाले दिनों में पटरियों के दोहरीकरण और नई लाइनों के बिछ जाने से ट्रेनों के समय की पाबंदी और अधिक बेहतर होगी। फिलहाल 26 अक्टूबर से शुरू होने जा रही इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन को लेकर यात्रियों में जबरदस्त उत्साह है और हर कोई इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए बेताब नजर आ रहा है।