शराब माफिया पर सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा वार: 583 नए सिपाहियों की भर्ती और जीपीएस निगरानी से कसेगा शिकंजा
झारखंड में अवैध शराब के कारोबार और सिंडिकेट चलाने वाले माफियाओं के खिलाफ राज्य सरकार ने अब पूरी तरह से आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने एक्साइज डिपार्टमेंट (उत्पाद विभाग) को और अधिक चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए कई ऐतिहासिक और कड़े फैसलों पर मुहर लगा दी है। राज्य में शराब की अवैध तस्करी, ओवररेटिंग और सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए अब सरकार ने जमीन पर एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने का फैसला किया है। इस रणनीतिक कदम के तहत उत्पाद विभाग में 583 नए सिपाहियों की भर्ती करने के साथ-साथ परिवहन वाहनों पर आधुनिक जीपीएस (GPS) निगरानी प्रणाली लगाने का बड़ा ऐलान किया गया है।
उत्पाद विभाग को मजबूती देने के लिए 583 नए सिपाहियों की होगी भर्ती
अवैध शराब के अवैध अड्डों और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मैदानी स्तर पर मैनपावर की कमी को दूर करना सबसे बड़ी जरूरत थी। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्पाद विभाग में कुल 583 नए सिपाहियों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रशिक्षित जवानों के आने से राज्य की सीमाओं, चेकपोस्टों और संदिग्ध इलाकों में चेकिंग अभियान को और अधिक आक्रामक बनाया जा सकेगा। सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले तस्करों के खिलाफ अब विभाग के पास जमीनी स्तर पर पर्याप्त बल उपलब्ध होगा, जिससे अपराधियों में सीधा खौफ पैदा होगा।
जीपीएस निगरानी से होगी हर एक वाहन और कंसाइनमेंट की रियल-टाइम ट्रैकिंग
शराब तस्करी के तौर-तरीकों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है। अब राज्य में शराब ढोने वाले सभी परिवहन वाहनों (Transport Vehicles) और कंसाइनमेंट पर हाई-टेक जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है। इसके जरिए उत्पाद मुख्यालय से ही हर गाड़ी की पल-पल की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। यदि कोई वाहन तय रूट से भटकता है या किसी संदेहास्पद जगह पर रुकता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा। तकनीक के इस आधुनिक इस्तेमाल से रास्ते में होने वाली गड़बड़ियों और अवैध अड्डों पर माल खपाने के खेल पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
राजस्व बढ़ोतरी और माफियाओं के नेटवर्क पर अंतिम प्रहार
सरकार के इन सख्त और दूरदर्शी फैसलों से जहां एक तरफ राज्य के उत्पाद राजस्व (Excise Revenue) में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ अवैध शराब सिंडिकेट चलाने वाले माफियाओं का साम्राज्य भी हिल गया है। पिछले कुछ समय से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम से यह साफ हो गया है कि झारखंड में अब गैरकानूनी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। प्रशासन की इस चुस्त कार्यशैली और जमीनी मुस्तैदी से आने वाले दिनों में शराब माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से विराम लगने की पूरी संभावना है।