Jaipur : सड़क पर उतरे मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ स्कूली बच्चों के साथ मिलकर संभाला ट्रैफिक चालान के डर नहीं, समझ से सुधारने की पहल
News India Live, Digital Desk : जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने के लिए मंत्री राठौड़ ने 11वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को ट्रैफिक पुलिस के साथ जोड़ने की योजना का शुभारंभ किया है।
1. मंत्री ने खुद बजाई सीटी, संभाली कमान
आमतौर पर बैठकों में व्यस्त रहने वाले मंत्री राठौड़ जयपुर के व्यस्त सिरसी रोड, विजय द्वार और वैशाली जंक्शन पर एक 'ट्रैफिक वालंटियर' के रूप में नजर आए:
सक्रिय भागीदारी: उन्होंने हाथ में सीटी लेकर ट्रैफिक कंट्रोल किया और वाहन चालकों को नियमों का पालन करने का आग्रह किया।
छात्रों का साथ: उनके साथ स्थानीय स्कूलों के करीब 50 छात्र-छात्राएं मौजूद थे, जिन्हें 'ट्रैफिक मित्र' के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
2. इस पहल का मुख्य उद्देश्य (Vision)
मंत्री राठौड़ ने मीडिया से बात करते हुए इस अभियान के पीछे के तीन बड़े कारण बताए:
व्यवहार में बदलाव: नियमों का पालन केवल चालान या जुर्माने के डर से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के अहसास से होना चाहिए।
युवाओं को ट्रेनिंग: 11वीं के छात्रों को इसलिए चुना गया है क्योंकि वे जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पात्र होंगे। उन्हें 2 घंटे का व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) दिया जा रहा है।
इंटर्नशिप का प्रस्ताव: उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को ट्रैफिक पुलिस के साथ 'साप्ताहिक इंटर्नशिप' करनी चाहिए ताकि वे सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को समझ सकें।
3. अभियान की रूपरेखा
लक्ष्य: यह अभियान पूरे महीने भर चलेगा, जिसमें हर सप्ताह नए छात्रों को जोड़ा जाएगा।
समान भागीदारी: इसमें छात्र और छात्राओं दोनों को बराबर संख्या में शामिल किया गया है।
लोकेशन: झोटवाड़ा के प्रमुख चौराहों और रेड लाइट्स पर ये बच्चे पुलिसकर्मियों के साथ तैनात रहेंगे।
4. "कम्युनिटी मोमेंट" और जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया (X) पर अपनी तस्वीरें साझा करते हुए कर्नल राठौड़ ने लिखा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक "Community Moment" था। जब छात्रों ने नागरिकों से संवाद किया और उन्हें हेलमेट व सीटबेल्ट के लिए टोकना शुरू किया, तो उसका असर ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता के रूप में साफ दिखाई दिया।
5. 2026 के लिए बड़ा लक्ष्य
मंत्री ने यह भी साझा किया कि राजस्थान सरकार वर्ष 2026 तक प्रदेश में 1 लाख से अधिक स्किल्ड युवाओं को तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें अनुशासन और सड़क सुरक्षा जैसे कौशल भी शामिल हैं।