Jaipur ACB Action : कुत्तों की नसबंदी के बिल पास करने के लिए मांगे 16 लाख जयपुर के 2 वेटरनरी डॉक्टर घूस लेते दबोचे
News India Live, Digital Desk : राजस्थान की राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी मछली पर जाल बिछाया है। आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण (Sterilization and Vaccination) करने वाली एक निजी फर्म के 75 लाख रुपये के बिल पास करने की एवज में जयपुर नगर निगम के दो वेटरनरी डॉक्टरों ने भारी-भरकम रिश्वत की डिमांड की थी। सोमवार को ACB ने कार्रवाई करते हुए दोनों डॉक्टरों और उनके एक बिचौलिए (कंप्यूटर ऑपरेटर) को 4 लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कुत्तों के 'अंगों' की गिनती के नाम पर वसूली
ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी (ठेकेदार) को शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी का टेंडर मिला था। काम पूरा होने के बाद जब उसने नवंबर-दिसंबर 2025 के बिल पेश किए, तो नगर निगम हैरिटेज के डॉ. योगेश शर्मा और ग्रेटर के डॉ. राकेश कलोरिया ने अड़ंगा लगा दिया। आरोप है कि उन्होंने नसबंदी के बाद सुरक्षित रखे गए अंगों (Uterus/Testicles) की गणना करने और फाइल आगे बढ़ाने के बदले 16 लाख रुपये की मांग की।
15 लाख में तय हुआ 'सौदा', मासिक 'हफ्ता' भी तय
शिकायत के अनुसार, मोलभाव के बाद रिश्वत की राशि 15 लाख रुपये तय हुई। इसमें चौंकाने वाली शर्त यह थी कि जनवरी 2026 से आगे के बिलों के लिए 3.50 लाख रुपये प्रतिमाह की 'फिक्स घूस' भी देनी होगी। भ्रष्टाचार का यह नेटवर्क इतना शातिर था कि डॉक्टर सीधे पैसे न लेकर संविदाकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र सिंह शेखावत के जरिए रकम मंगवा रहे थे।
ACB का जाल और फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत का सत्यापन करने के बाद सोमवार शाम को ट्रैप बिछाया गया। कंप्यूटर ऑपरेटर ने पीड़ित को पहले टोंक रोड स्थित कार्यालय बुलाया और फिर लोकेशन बदलकर सी-स्कीम बुला लिया। जैसे ही सी-स्कीम में जितेंद्र सिंह ने 4 लाख रुपये थामे, पास में ही सादा वर्दी में तैनात ACB की टीम ने उसे दबोच लिया। इसके तुरंत बाद दूसरी टीमों ने नगर निगम कार्यालय में मौजूद दोनों डॉक्टरों को भी हिरासत में ले लिया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस
जयपुर जैसे शहर में जहां आवारा कुत्तों की समस्या एक गंभीर मुद्दा है, वहां नसबंदी जैसे प्रोजेक्ट के बजट में इस तरह की बंदरबांट ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ACB अब गिरफ्तार आरोपियों के आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर रही है ताकि उनकी आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके।