ITR की डेडलाइन मिस हो गई? जानें अब क्या करना होगा
अगर आप भी कुछ ऐसा ही सोचकर परेशान हो रहे हैं, तो गहरी सांस लीजिए और घबराइए नहीं। ज़्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई थी, जो अब निकल चुकी है।
लेकिन अगर आप यह मौका चूक गए हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि अब आप ITR फाइल ही नहीं कर सकते। आयकर विभाग आपको एक और मौका देता है, लेकिन इस 'देरी' की आपको एक छोटी सी कीमत चुकानी पड़ती है।
क्या है 'देरी' से ITR फाइल करने का नियम?
अगर आप 31 जुलाई की डेडलाइन चूक गए हैं, तो आप 'विलंबित ITR' (Belated ITR) फाइल कर सकते हैं। यह एक तरह से लेट फाइन के साथ रिटर्न फाइल करने का मौका है।
क्या है विलंबित ITR फाइल करने की आखिरी तारीख?
डेडलाइन मिस करने के बाद, आप उस वित्त वर्ष के खत्म होने से 3 महीने पहले तक ITR फाइल कर सकते हैं। यानी, असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए यह तारीख 31 दिसंबर 2025 है।
देर करने की क्या कीमत चुकानी पड़ेगी? (जुर्माना)
देर से ITR फाइल करने पर आयकर कानून की धारा 234F के तहत जुर्माना लगता है।
- अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से ज़्यादा है, तो आपको ₹5,000 का जुर्माना देना होगा।
- अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख या उससे कम है, तो यह जुर्माना ₹1,000 होगा।
सिर्फ जुर्माना ही नहीं, और भी हैं नुकसान!
- ब्याज का बोझ: अगर आपका कोई टैक्स बकाया था, तो आपको उस पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज भी चुकाना होगा, जब तक आप रिटर्न फाइल नहीं कर देते।
- नहीं मिलेगा रिफंड पर ब्याज: अगर आपका कोई रिफंड बन रहा था, तो आपको उस पर मिलने वाले ब्याज से हाथ धोना पड़ सकता है।
- लॉस को आगे नहीं ले जा सकते: अगर आपको बिजनेस या कैपिटल गेन्स में कोई घाटा (Loss) हुआ है, तो आप उसे अगले साल के मुनाफे से एडजस्ट नहीं कर पाएंगे।
तो अब क्या करें?
बिना और ज़्यादा देर किए, आज ही अपना ITR फाइल करें। जितना ज़्यादा देर करेंगे, ब्याज का बोझ उतना ही बढ़ता जाएगा। आप यह काम खुद इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाकर या किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद से कर सकते हैं।
गलती हो गई, कोई बात नहीं! लेकिन उस गलती को दोहराएं नहीं और आज ही अपना रिटर्न फाइल करके एक ज़िम्मेदार नागरिक बनें।