हो गया कन्फर्म! चुनाव के बाद कर्मचारियों की सैलरी में आएगा बंपर उछाल? जानिए 8वें वेतन आयोग का पूरा गणित

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उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। हर कोई जानना चाहता है कि नया वेतन आयोग कब बनेगा और इससे उनकी सैलरी पर क्या असर पड़ेगा। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, कर्मचारियों के बीच इसको लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। तो आइए, जानते हैं कि आठवां वेतन आयोग कब तक आ सकता है और इससे कर्मचारियों की तनख्वाह में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है।

सबसे पहले समझिए, क्या होता है वेतन आयोग?

वेतन आयोग, भारत सरकार द्वारा बनाई गई एक समिति होती है। इसका काम केंद्र सरकार के कर्मचारियों और सेना के जवानों की सैलरी, भत्ते और दूसरी सुविधाओं की समीक्षा करना होता है। सरकार आमतौर पर हर दस साल में एक नया वेतन आयोग बनाती है।

अभी देश में सातवां वेतन आयोग चल रहा है, जिसे साल 2014 में बनाया गया था और इसकी सिफारिशें 2016 से लागू हुई थीं। इसी हिसाब से देखें तो अब आठवें वेतन आयोग का गठन 2024 के आम चुनावों के बाद हो सकता है।

फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो कितनी बढ़ेगी सैलरी?

कर्मचारी यूनियन काफी समय से फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग कर रही हैं, क्योंकि इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी सीधे तौर पर बढ़ जाती है। फिलहाल, सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना है, जबकि कर्मचारी यूनियन इसे 3.68 गुना करने की मांग कर रही हैं।

अगर सरकार यह मांग मान लेती है, तो कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 26,000 रुपये हो जाएगा। इससे यूपी के लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी और उनकी खरीदने की क्षमता भी बढ़ेगी।

सरकार ने क्या दिए हैं संकेत?

कर्मचारी संगठन लगातार फिटमेंट फैक्टर को 3.68 करने और न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये करने पर जोर दे रहे हैं। ऐसी उम्मीद है कि सरकार चुनाव खत्म होने के बाद नए वेतन आयोग पर कोई फैसला ले सकती है। हालांकि, अभी तक सरकार की तरफ से 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पर चर्चा चुनाव के बाद शुरू होने की पूरी संभावना है। कर्मचारी संगठन भी चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द आठवें वेतन आयोग के गठन और महंगाई भत्ते (DA) के बकाए पर अपनी स्थिति साफ करे।