लेबनान पर इज़राइल का बड़ा हमला! हिज़्बुल्लाह का टॉप कमांडर ढेर, मध्य-पूर्व में फिर मंडराए युद्ध के बादल
इज़राइल-हमास युद्ध की आग अब एक बार फिर लेबनान तक पहुंच गई है। इज़राइल ने एक बड़ी और साहसिक एयर स्ट्राइक में लेबनान की राजधानी बेरूत पर हवाई हमला किया है। इस हमले में इज़राइल ने आतंकवादी संगठन हिज़्बुल्लाह के एक टॉप कमांडर को मार गिराने का दावा किया है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
हमले में कौन मारा गया और कहां हुआ हमला?
इज़राइली सेना ने दक्षिणी बेरूत के दहियाह इलाके को अपना निशाना बनाया, जो हिज़्बुल्लाह का एक मजबूत गढ़ माना जाता है। मिसाइल एक ऐसी इमारत पर दागी गई जहां हिज़्बुल्लाह के आर्मी चीफ (सेनाध्यक्ष) हैथम तबातबई के रहने की खबर थी।
- कितना बड़ा नुकसान? इस हमले में सिर्फ तबातबई ही नहीं, बल्कि हिज़्बुल्लाह के चार अन्य सदस्यों के भी मारे जाने की खबर है। हमले का असर इतना ज़बरदस्त था कि इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा और कई गाड़ियां जलकर राख हो गईं। 20 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
कौन था हिज़्बुल्लाह का यह मारा गया कमांडर?
हैथम तबातबई आतंकवादी संगठन हिज़्बुल्लाह का दूसरा सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी था, जो संगठन के लिए बड़ी सैन्य रणनीतियां बनाता था। उसका जन्म बेरूत में ही हुआ था, लेकिन उसके तार ईरान से भी जुड़े थे, क्योंकि उसके पिता ईरानी थे। उसकी मौत को हिज़्बुल्लाह के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
शांति समझौते के बावजूद क्यों किया हमला?
यह हमला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि यह नवंबर 2024 में हुए युद्धविराम (Ceasefire) का खुला उल्लंघन है। आपको बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद इज़राइल की हिज़्बुल्लाह के साथ भी लगातार लड़ाई चल रही थी, जिस पर पिछले साल ही एक शांति समझौता हुआ था।
लेकिन, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले को आतंकवाद के खिलाफ एक जरूरी कार्रवाई बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिज़्बुल्लाह युद्धविराम की आड़ में चुपके-चुपके अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा था और उसे लेबनान सरकार का भी पूरा समर्थन मिल रहा था। नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि इज़राइल मध्य-पूर्व में किसी भी आतंकी संगठन को पनपने नहीं देगा।
क्या अब छिड़ेगा नया युद्ध?
इस हमले के बाद अब पूरी दुनिया की नज़रें हिज़्बुल्लाह पर टिकी हैं। क्या वह अपने टॉप कमांडर की मौत का बदला लेगा? अगर हिज़्बुल्लाह जवाब देता है, तो मध्य-पूर्व में एक और भयानक युद्ध छिड़ सकता है। हिज़्बुल्लाह का सबसे बड़ा समर्थक देश ईरान भी इस मामले में कोई बड़ा कदम उठा सकता है, जिससे हालात और भी बिगड़ सकते हैं।