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April 30 2026 07:27 pm

ईरान को लगा अब तक का सबसे बड़ा जख्म सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत, इजरायल के एयरस्ट्राइक ने दहलाया तेहरान

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News India Live, Digital Desk: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान को एक ऐसा झटका लगा है जिसकी भरपाई नामुमकिन मानी जा रही है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और देश के कद्दावर नेता अली लारीजानी (Ali Larijani) की एक इजरायली हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरानी मीडिया और सुरक्षा परिषद ने आधिकारिक तौर पर उनके "शहादत" की पुष्टि कर दी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान पहले ही अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को खोने के गम से उबर नहीं पाया था।

सर्जिकल स्ट्राइक जैसा सटीक हमला

इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि लारीजानी को एक "सटीक खुफिया जानकारी" के आधार पर निशाना बनाया गया।

हमले की जगह: बताया जा रहा है कि हमला तेहरान के बाहरी इलाके में उस समय हुआ जब लारीजानी एक सुरक्षित ठिकाने पर बैठक कर रहे थे।

बेटे की भी मौत: इस हमले में अली लारीजानी के साथ उनके बेटे मुर्तजा लारीजानी और उनके कार्यालय प्रमुख अलीरेजा बयात की भी मौत की खबर है।

बसीज कमांडर का खात्मा: इसी अभियान के दौरान इजरायल ने ईरान के आंतरिक सुरक्षा बल 'बसीज' (Basij) के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी को भी मार गिराने का दावा किया है।

ईरान के 'चाणक्य' थे अली लारीजानी

अली लारीजानी केवल एक सुरक्षा प्रमुख नहीं थे, बल्कि वे ईरानी शासन के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद रणनीतिकार माने जाते थे।

परमाणु वार्ताकार: वे 2005 से 2007 तक ईरान के मुख्य परमाणु वार्ताकार रहे और पश्चिम के साथ बातचीत में बेहद सख्त रुख अपनाया।

संसद के पूर्व अध्यक्ष: वे लगातार 12 वर्षों (2008-2020) तक ईरान की संसद के स्पीकर रहे।

संकटमोचक: खामेनेई की मृत्यु के बाद, लारीजानी ही वह व्यक्ति थे जो पर्दे के पीछे से देश की सुरक्षा और कूटनीति को संभाल रहे थे। उनकी मृत्यु से नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अपना सबसे बड़ा सलाहकार खो दिया है।

'बदला लेंगे' - राष्ट्रपति पेज़ेशकियन की चेतावनी

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने लारीजानी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे एक "अपूरणीय क्षति" बताया है। उन्होंने संकल्प लिया कि ईरान इस "कायरतापूर्ण कृत्य" का बदला जरूर लेगा और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस घोषणा के बाद से ही पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और अमेरिकी सेना को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

क्या अब गिर जाएगी ईरानी सरकार?

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ हफ्तों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व का जिस तरह से सफाया हुआ है, उससे देश के भीतर सत्ता संघर्ष और विद्रोह की स्थिति पैदा हो सकती है। नेतन्याहू ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा है कि अब उनके पास अपनी किस्मत खुद लिखने का मौका है। दूसरी ओर, तेल की कीमतों में उछाल और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ती हलचल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंताएं बढ़ा दी हैं।