Indian Navy : जब एक मिसाइल से पाकिस्तान ने कर दिया था सरेंडर, दिवाली पर PM मोदी ने खोला बड़ा राज
News India Live, Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक खास परंपरा है - वह हर साल दिवाली का त्योहार राजधानी दिल्ली में नहीं, बल्कि देश की सीमाओं पर जवानों के साथ मनाते हैं। इस साल यह मौका और भी खास और ताकतवर था, क्योंकि प्रधानमंत्री दिवाली मनाने पहुंचे भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) पर। लेकिन इस बार सिर्फ जश्न की ही बात नहीं हुई, उन्होंने नौसैनिकों के साथ एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसने पाकिस्तान की बेचैनी जरूर बढ़ा दी होगी।
पीएम मोदी ने जवानों को संबोधित करते हुए 2022 की उस घटना का जिक्र किया, जब भारत की एक ब्रह्मोस मिसाइल गलती से लॉन्च होकर पाकिस्तान की धरती पर जा गिरी थी। उन्होंने इस घटना को एक नया और दिलचस्प नाम दिया - "ऑपरेशन सिंदूर।"
"एक छोटी सी घटना, जिसने सारी पोल खोल दी"
प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को एक गलती की तरह नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी ताकत और पाकिस्तान की लाचारी के एक प्रदर्शन के रूप में पेश किया।
उन्होंने कहा, "याद है न वो छोटी सी घटना... हमने तो चलाई भी नहीं थी, फिर भी उन पर जाकर गिरी।" प्रधानमंत्री ने दावा किया कि इस घटना के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया था। उन्होंने पहले तो यह कहानी बनाने की कोशिश की कि भारत ने हमला किया है, लेकिन वे इसे साबित नहीं कर पाए।
पीएम मोदी ने कहा, "आखिरकार उन्हें 'सरेंडर' करना पड़ा। उन्हें मानना पड़ा कि उन पर हमला नहीं हुआ, बल्कि भारत की एक मिसाइल बस आकर गिर गई।" उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान की तो ब्रह्मोस मिसाइल का नाम लेने की भी हिम्मत नहीं हुई, क्योंकि ऐसा करते तो दुनिया के सामने उनकी पूरी डिफेंस सिस्टम की पोल खुल जाती।
प्रधानमंत्री का यह बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उस हालिया टिप्पणी से मेल खाता है, जिसमें उन्होंने इसी घटना को एक "ट्रेलर" बताया था। यह दिखाता है कि भारत अब उस मिसाइल की चूक को पाकिस्तान के लिए एक मनोवैज्ञानिक संदेश के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा प्रतीक
लेकिन पीएम मोदी का भाषण सिर्फ इस एक घटना तक ही सीमित नहीं था। उन्होंने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' के बड़े लक्ष्य से जोड़ा। भारत में बने आईएनएस विक्रांत के डेक पर खड़े होकर उन्होंने इस जहाज को एक "तैरता हुआ शहर" और भारत के स्वाभिमान का प्रतीक बताया।
उन्होंने भारतीय नौसेना को एक "जेंडर-न्यूट्रल" फोर्स बताते हुए महिला अधिकारियों और नौसैनिकों की बढ़ती भूमिका की जमकर तारीफ की। उन्होंने भविष्य के उस विजन का भी जिक्र किया, जिसमें महिला फाइटर पायलट भी इस एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक से विमान उड़ाएंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह परंपरा तब शुरू की थी जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। दो दशकों से भी ज्यादा समय से वह हर दिवाली जवानों के बीच ही मनाते आ रहे हैं। लेकिन इस साल की दिवाली सिर्फ एक जश्न नहीं थी, बल्कि यह एक बड़ा रणनीतिक संदेश भी थी, जिसने एक पुरानी तकनीकी गलती को भारत की ताकत और राष्ट्रीय गौरव की एक नई कहानी में बदल दिया।