India-Russia Relations : भारत को किसी से पूछने की ज़रूरत नहीं ,पुराने दोस्त रूस ने अमेरिका को क्यों दिखाया आईना?

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News India Live, Digital Desk: India-Russia Relations :  रूस और भारत की दोस्ती कितनी गहरी है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब भी भारत पर किसी ने उंगली उठाने की कोशिश की, रूस हमेशा ढाल बनकर खड़ा रहा। हाल ही में ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जब रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर लगाए गए टैरिफ (अतिरिक्त टैक्स) के मुद्दे पर भारत का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने न सिर्फ भारत के फैसले को सही ठहराया, बल्कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर की जमकर तारीफ भी की।

"भारत अपने फैसले खुद लेना जानता है"

सर्गेई लावरोव ने साफ-साफ कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ के बावजूद, रूस के साथ तेल व्यापार पर भारत का रुख बिल्कुल सही है।उन्होंने कहा कि भारत एक स्वाभिमानी देश है और अपने फैसले लेने में पूरी तरह से सक्षम है। लावरोव ने यह भी बताया कि जब उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात होती है, तो वो कभी भी तेल या व्यापार जैसे मुद्दे नहीं उठाते, क्योंकि उन्हें पता है कि भारत इन मामलों पर अपने हितों को अच्छी तरह समझता है

एस. जयशंकर की तारीफ में पढ़े कसीदे

रूसी विदेश मंत्री ने एस. जयशंकर की तारीफ करते हुए कहा कि उनका जवाब बहुत ही शानदार था। उन्होंने याद दिलाया कि जब जयशंकर से पूछा गया था कि भारत रूस से तेल क्यों खरीद रहा है, तो उन्होंने साफ कहा था कि अगर अमेरिका हमें तेल बेचना चाहता है, तो हम शर्तों पर बात करने को तैयार हैं, लेकिन हम दूसरे देशों से क्या खरीदते हैं, यह हमारा अपना मामला है और इसका भारत-अमेरिका के एजेंडे से कोई लेना-देना नहीं है। लावरोव ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि यह एक बहुत ही योग्य प्रतिक्रिया है जो दिखाती है कि भारत, तुर्की की तरह, आत्म-सम्मान रखता है”

सिर्फ तेल का नहीं, दिल का है ये रिश्ता

लावरोव ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और रूस का रिश्ता सिर्फ तेल के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक "विशेष रूप से विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी" है।उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीकी सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में बहुत गहरे संबंध हैं। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल दिसंबर में भारत का दौरा करने की योजना बना रहे हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और भी मजबूत होंगे।

कुल मिलाकर, रूस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वो हर मुश्किल घड़ी में भारत के साथ खड़ा है और भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का पूरा सम्मान करता है।