India-Pakistan : चोरी-छिपे परमाणु ताकत बढ़ा रहा पाकिस्तान, 170 एटम बम तैयार, भारत की बढ़ी बेचैनी

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News India Live, Digital Desk: India-Pakistan :  एक तरफ पाकिस्तान दुनिया के सामने अपनी खराब आर्थिक हालत का रोना रोता है, तो दूसरी तरफ वह चोरी-छिपे अपनी सैन्य ताकत, खासकर परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाने में लगा हुआ है. एक नई रिपोर्ट ने इस बात का खुलासा किया है, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया की चिंता बढ़ गई है. 'बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स' की इस रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पास इस वक्त लगभग 170 परमाणु बम (वॉरहेड) मौजूद हैं.

यह खुलासा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि यह संख्या अमेरिकी खुफिया एजेंसी के पुराने अनुमानों से कहीं ज्यादा है. 1999 में अमेरिका ने अनुमान लगाया था कि 2020 तक पाकिस्तान के पास 60 से 80 परमाणु हथियार होंगे.लेकिन पाकिस्तान ने इस अनुमान को बहुत पीछे छोड़ दिया है और अब भी वह चुपचाप अपने परमाणु कार्यक्रम को विस्तार देने में लगा है.

कैसे बढ़ा रहा है पाकिस्तान अपनी ताकत?

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान न सिर्फ नए परमाणु बम बना रहा है, बल्कि उन्हें दागने के लिए नई-नई मिसाइलें और दूसरे सिस्टम भी तैयार कर रहा है. पाकिस्तान अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है और प्लूटोनियम बनाने वाले उसके कई रिएक्टर भी काम कर रहे हैं.

उसकी तैयारी सिर्फ जमीन तक ही सीमित नहीं है. पाकिस्तान हवा, जमीन और समुद्र, तीनों जगहों से परमाणु हमला करने की क्षमता (न्यूक्लियर ट्रायड) हासिल करने की कोशिश में जुटा है. वह जमीन से मार करने वाली कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ समुद्र से लॉन्च की जाने वाली बाबर-3 जैसी मिसाइलें भी विकसित कर रहा है.

भारत के लिए चिंता की बात क्यों?

पाकिस्तान का पूरा परमाणु कार्यक्रम भारत को ध्यान में रखकर ही बनाया गया है, यह बात किसी से छिपी नहीं है.हालांकि, हालिया रिपोर्ट्स की मानें तो परमाणु हथियारों की संख्या के मामले में भारत, पाकिस्तान से थोड़ा आगे निकल गया है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास 180 परमाणु हथियार हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 170.

इसके बावजूद, पाकिस्तान का लगातार अपने जखीरे को बढ़ाना और छोटी दूरी के सामरिक परमाणु हथियार बनाना भारत के लिए एक बड़ी सामरिक चिंता है. यह इस क्षेत्र में हथियारों की एक खतरनाक होड़ को जन्म देता है और सुरक्षा संतुलन को बिगाड़ता है. पाकिस्तान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बहुत गोपनीयता बरतता है, जिससे उसके असली इरादों का अंदाजा लगाना और मुश्किल हो जाता है.यह secretive expansion भारत के लिए एक स्थायी सिरदर्द बना हुआ है, जिस पर लगातार नजर रखने की जरूरत है.