समंदर में टला महायुद्ध का खतरा! अमेरिका-ईरान के बीच कतर में सीजफायर डील पर सहमति, अब बेखौफ दौड़ेंगे पानी के जहाज
पूरी दुनिया को बड़ी राहत देते हुए मिडल ईस्ट के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते— स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जारी भीषण सैन्य तनाव पर फिलहाल पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। पिछले कई दिनों से युद्ध की कगार पर खड़े अमेरिका और ईरान आखिरकार बातचीत की मेज पर आने के लिए राजी हो गए हैं। दोनों महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक गतिरोध को सुलझाने के लिए अब कतर (Qatar Peace Talks) की मध्यस्थता में एक हाई-लेवल बैठक होने जा रही है। इस बड़ी और सकारात्मक खबर के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गलियारों और ग्लोबल मार्केट ने राहत की सांस ली है, क्योंकि अब इस रूट से दुनिया भर के मालवाहक और तेल टैंकर जहाज बिना किसी डर के सुरक्षित गुजर सकेंगे।
कतर बना संकटमोचक: जानिए कैसे बनी अमेरिका और ईरान के बीच बात?
रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खाड़ी देश कतर ने एक बार फिर वैश्विक शांति के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई है। सूत्रों के मुताबिक, कतर के अमीर और शीर्ष राजनयिकों ने पर्दे के पीछे से दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा था। पिछले दिनों शांति समझौते के मसौदे में शामिल 'आर्टिकल-5' की एक लाइन के लीक होने के बाद जो बात पूरी तरह बिगड़ गई थी, उसे कतर ने एक नए न्यूट्रल ड्राफ्ट के जरिए फिर से पटरी पर ला दिया है। अमेरिका और ईरान दोनों ने ही इस बात पर सहमति जताई है कि वे कतर की राजधानी दोहा में बैठकर विवादित मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकालेंगे और तब तक कोई भी देश होर्मुज में कोई आक्रामक सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा।
वैश्विक बाजार में आई रौनक: कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट की उम्मीद
इस ऐतिहासिक शांति वार्ता की खबर जैसे ही दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) और वैश्विक वायदा बाजारों (Wall Street) तक पहुंची, वैसे ही चौतरफा राहत देखने को मिली। पिछले कई दिनों से कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन बाधित होने के डर से जो पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने की आशंका बनी हुई थी, वह अब काफी हद तक टल गई है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस सीजफायर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की जाएगी। इसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को मिलेगा, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर सबसे ज्यादा निर्भर है।
जहाजों के लिए खुला सुरक्षित रास्ता: भारतीय शिपिंग कंपनियों ने ली राहत की सांस
होर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन गुजरने वाले दर्जनों भारतीय कमर्शियल जहाजों और वैश्विक कार्गो शिपिंग कंपनियों के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है। पिछले कुछ दिनों से इस रूट पर ईरानी नौसेना और अमेरिकी युद्धपोतों के आमने-सामने होने की वजह से जहाजों का इंश्योरेंस प्रीमियम काफी बढ़ गया था और कई रूट डायवर्ट करने पड़ रहे थे। अब कतर में बातचीत शुरू होने की आधिकारिक घोषणा के बाद इस समुद्री क्षेत्र में अलर्ट लेवल को घटा दिया गया है। स्थानीय बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसियों ने भी पुष्टि की है कि जहाजों का आवागमन अब पूरी तरह सामान्य और बेखौफ तरीके से शुरू हो गया है।