ट्रंप से मिलते ही भड़के पुतिन: कीव पर बरसाए घातक 'अग्निबाण', यूक्रेन का अमेरिकी F-16 फाइटर जेट भी हुआ तबाह
यूक्रेन और रूस के बीच जारी भीषण युद्ध में एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा मोड़ आ गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक बेहद अहम रणनीतिक मुलाकात कर वापस लौटे ही थे कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे भीषण मिसाइल हमला बोल दिया। इस हवाई हमले में रूस ने कीव को दहलाने के साथ-साथ यूक्रेन की वायुसेना को सबसे बड़ा घाव दिया है, जहां युद्ध में गेमचेंजर माने जा रहे अमेरिकी मूल के एडवांस F-16 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया गया है।
ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात के तुरंत बाद रूस का भीषण पलटवार
वैश्विक कूटनीति के गलियारों में इस हमले के समय को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ जेलेंस्की की इस बैठक पर मॉस्को की पैनी नजर थी। जैसे ही जेलेंस्की अपनी इस यात्रा से वापस लौटे, रूसी सेना ने बिना कोई वक्त गंवाए यूक्रेन के प्रमुख सैन्य ठिकानों और हवाई पट्टियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। कीव के आसमान में एक के बाद एक कई रूसी हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइलें गरजती हुई दिखाई दीं, जिसे स्थानीय रक्षा विशेषज्ञों ने पुतिन की तरफ से अमेरिका और यूक्रेन के नए गठजोड़ को दिया गया सीधा और आक्रामक संदेश बताया है।
यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को तगड़ा झटका, अमेरिकी F-16 फाइटर जेट जमींदोज
इस पूरे हमले की सबसे बड़ी और नुकसानदेह खबर यूक्रेन के लिए उसके F-16 लड़ाकू विमान का क्रैश होना रही। पश्चिमी देशों और अमेरिका से काफी मिन्नतें करने के बाद यूक्रेन को मिले इन आधुनिक लड़ाकू विमानों से उसे हवाई क्षेत्र में काफी बढ़त मिलने की उम्मीद थी। रूसी रक्षा मंत्रालय के करीबी सूत्रों और सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक, इस भीषण हवाई हमले और एयर डिफेंस के जाल में फंसकर यूक्रेन का एक F-16 पूरी तरह तबाह हो गया। यह नुकसान यूक्रेन की वायुसेना के मनोबल पर एक बड़ा आघात माना जा रहा है, क्योंकि इन विमानों की खेप बेहद सीमित है।
युद्ध के मोर्चे पर अब आगे क्या होगा, दुनिया भर के देशों में बढ़ी चिंता
इस बड़े सैन्य घटनाक्रम के बाद अब पूर्वी यूरोप में युद्ध की आग और ज्यादा भड़कने की आशंका गहरा गई है। अमेरिका में सत्ता के समीकरणों के बीच पुतिन का यह आक्रामक रुख साफ दिखाता है कि रूस किसी भी तरह के दबाव में पीछे हटने को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी ओर, जेलेंस्की ने इस भारी नुकसान के बाद अपने पश्चिमी सहयोगियों से और अधिक एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों की मांग तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि वाशिंगटन इस बड़े नुकसान और पुतिन की खुली चुनौती पर क्या रणनीतिक कदम उठाता है।