पाकिस्तान: स्वात में शांति रैली के दौरान पुलिस मुख्यालय को बनाया निशाना, 14 की मौत और 22 घायल
उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक बेहद दहला देने वाली और खौफनाक वारदात सामने आई है। स्वात जिले के कबाल कस्बे में आयोजित एक 'शांति रैली' के दौरान हुए भीषण आत्मघाती हमले में कम से कम 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों और शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस क्रूर हमले का मुख्य निशाना स्थानीय पुलिस मुख्यालय था, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस खूनी खेल के बाद पाकिस्तान के इस संवेदनशील क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
शांति रैली के बीच हुआ जोरदार धमाका, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विस्फोट कबाल कस्बे में चल रही शांति रैली के ठीक बीचों-बीच हुआ। अचानक हुए इस जोरदार धमाके के बाद मौके पर चारों तरफ अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। शुरुआती जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने इसे एक आत्मघाती हमला करार दिया है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है। स्थानीय जनजातीय परिषद 'स्वात अमन जिरगा' के आह्वान पर सैकड़ों लोग हाथों में प्लेकार्ड लेकर और शांति की गुहार लगाते हुए सड़कों पर उतरे थे, लेकिन आतंकियों ने इस शांतिपूर्ण आयोजन को अपने खूनी षड्यंत्र का शिकार बना लिया।
पुलिस, रेंजर्स और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को किया सील
विस्फोट की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे, जिसके बाद घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद पाकिस्तानी पुलिस, रेंजर्स और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और सील कर दिया। फॉरेंसिक टीमों को भी मौके पर बुलाया गया है जो घटनास्थल से अहम सबूत जुटाने में जुटी हुई हैं, ताकि इस भयावह साजिश के असली मास्टरमाइंडों का पता लगाया जा सके।
पिछले कुछ महीनों से लगातार बिगड़ रही है स्वात घाटी की सुरक्षा स्थिति
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से स्वात और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। इसी बढ़ती अशांति और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए स्थानीय जनजातीय नेताओं ने 'स्वात अमन जिरगा' के बैनर तले इस शांति रैली का आयोजन किया था। आम नागरिक जब अपने क्षेत्र में अमन-चैन और शांति बहाली की मांग को लेकर सड़कों पर मार्च कर रहे थे, ठीक उसी वक्त इस कायराना हमले को अंजाम दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान के इन क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और आम जनता तथा सुरक्षा बल दोनों ही आतंकियों के आसान निशाने पर हैं।