ईरान में मातम और इंतकाम का शोर: खमेनेई के अंतिम संस्कार में लहराए 'लाल झंडे', गूंज रहे 'बदले' के नारे

ईरान में मातम और इंतकाम का शोर: खमेनेई के अंतिम संस्कार में लहराए 'लाल झंडे', गूंज रहे 'बदले' के नारे

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई का अंतिम संस्कार एक ऐतिहासिक और बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर शुरू हो चुका है। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला कॉम्प्लेक्स में लाखों लोग जमा हैं, जहां खमेनेई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। इस दौरान पूरा माहौल 'बदले' की भावना से भरा हुआ है। हाथों में लहराते 'लाल झंडे' (Red Flags of Revenge) शिया परंपरा में न्याय और बदले के प्रतीक माने जाते हैं, जो ईरान के उस संकल्प को दर्शा रहे हैं जिसे वे 'इंतकाम' कहते हैं।

क्यों लहरा रहे हैं ये 'लाल झंडे'?

ईरान में लाल झंडों का लहराना कोई साधारण दृश्य नहीं है। शिया प्रतीकों में, यह झंडा खून का बदला लेने और दुश्मनों को सबक सिखाने की प्रतिज्ञा का प्रतिनिधित्व करता है। फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के साथ शुरू हुए युद्ध के दौरान हुई अयातुल्ला अली खमेनेई की मृत्यु के बाद, ईरान का नेतृत्व और वहां की जनता इस झंडे के जरिए पूरी दुनिया को यह संदेश दे रही है कि वे अपने सर्वोच्च नेता की शहादत को भूलने वाले नहीं हैं। तेहरान की सड़कों पर 'डेथ टू अमेरिका' और 'डेथ टू इजरायल' के नारों की गूंज इस बात का सबूत है कि ईरान के भीतर बदला लेने की आग अभी भी धधक रही है।

ट्रंप के बयान पर सियासत तेज

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। माउंट रशमोर में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब वॉशिंगटन के साथ किसी भी तरह से समझौता करने के लिए बेताब है। ट्रंप ने कहा, "हमने खमेनेई के अंतिम संस्कार के लिए उन्हें एक हफ्ते की मोहलत दी है क्योंकि हम उदार हैं।" ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। ईरान, जो पहले से ही अपने सैन्य ठिकानों और मिसाइलों के जरिए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का मुंहतोड़ जवाब देने की धमकी दे रहा है, अब ट्रंप के इस दावे पर कैसे प्रतिक्रिया देता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

क्या मिसाइलों से होगा 'इंतकाम'?

ईरान के सैन्य कमांडरों ने साफ कर दिया है कि खमेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा। सैन्य मुख्यालय की ओर से जारी बयान में चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी दुश्मन इस संवेदनशील मौके का फायदा उठाने की कोशिश करता है, तो ईरान की मिसाइलें और ड्रोन फोर्स 'तत्काल और शक्तिशाली' जवाब देने के लिए तैयार हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर भी ईरान ने सख्त लहजे में कहा है कि उनकी इजाजत के बिना किसी भी जहाज की आवाजाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 2026 की इस जंग में खमेनेई का अंतिम संस्कार केवल एक विदाई नहीं, बल्कि ईरान की 'प्रतिरोध नीति' का एक बड़ा प्रदर्शन बन चुका है।

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