होर्मुज में एक और तेल टैंकर स्वाहा, ओमान तट के पास हुआ हमला, ब्रिटिश सैन्य एजेंसी का दावा
मध्य पूर्व के बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य में तनाव एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान के तट के पास एक बार फिर से एक बड़े तेल टैंकर पर खतरनाक हमले की खबर सामने आई है। ब्रिटिश सेना की समुद्री व्यापार संचालन एजेंसी (UKMTO) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए दुनिया भर के देशों और शिपिंग कंपनियों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। इस ताजा हमले के बाद से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से गहराने लगी हैं। आइए जानते हैं कि इस सनसनीखेज घटना के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ने वाला है।
ब्रिटिश सैन्य एजेंसी का बड़ा दावा और हमले की पूरी डिटेल
ब्रिटिश सेना की मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने जानकारी दी है कि ओमान के तट के करीब गुजर रहे एक कमर्शियल तेल टैंकर को निशाना बनाया गया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला ओमान के डुक्म पोर्ट के आसपास हुआ, जिससे टैंकर को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित सुरक्षा एजेंसियां और युद्धपोत हरकत में आ गए हैं और प्रभावित जहाज की मदद के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल हमले के बाद से इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले अन्य जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि किसी भी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।
क्यों संवेदनशील है ओमान तट और होर्मुज जलडमरूमध्य का इलाका
दुनिया का एक बहुत बड़ा हिस्सा अपने इस्तेमाल के लिए कच्चे तेल का आयात मध्य पूर्व के देशों से करता है, और इसके परिवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे मुख्य और व्यस्त रास्ता है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह जलमार्ग वैश्विक क्रूड ऑयल ट्रेड का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। जब भी इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले या नाकाबंदी जैसी घटनाएं होती हैं, तो अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन की रफ्तार थम जाती है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि इस इलाके में लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय अस्थिरता को और ज्यादा बढ़ा रही हैं, जिससे दुनिया भर की बड़ी महाशक्तियों की नींद उड़ गई है।
वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर मंडराया बड़ा खतरा
इस ताजा हमले के बाद से कमोडिटी मार्केट और शेयर बाजार के जानकारों में गहरी चिंता देखी जा रही है। यदि होर्मुज और ओमान के तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी नहीं की गई और इस तरह के हमले जारी रहे, तो ग्लोबल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग सकती है, जिसका सीधा असर भारत समेत तमाम देशों में पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की चीजों की महंगाई पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में निवेशकों और सरकारों की नजरें इस रणनीतिक रूट पर होने वाली हर एक गतिविधि पर टिकी रहेंगी।