अंकारा नाटो समिट: ट्रंप की मौजूदगी में यूक्रेन को मिलेगा बड़ा सैन्य पैकेज, सामूहिक सुरक्षा पर होगा 'चट्टानी संकल्प'
यूक्रेन युद्ध की विभीषिका और ईरान-लेबनान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की नजरें अगले सप्ताह होने वाले नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं। तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भागीदारी इसे और भी महत्वपूर्ण बना रही है। सम्मेलन का मुख्य केंद्र 'सामूहिक सुरक्षा' पर एक नया 'चट्टानी संकल्प' (Rock-solid resolution) पारित करना है, जो सदस्य देशों की एकजुटता को नई मजबूती देगा। ब्रसेल्स स्थित नाटो मुख्यालय में इस प्रस्ताव का मसौदा पहले ही तैयार किया जा चुका है, जिस पर सभी सदस्य देश अपनी मुहर लगाएंगे।
यूक्रेन को 2027 के लिए बड़ी सैन्य मदद की तैयारी रूस के खिलाफ संघर्षरत यूक्रेन के लिए यह शिखर सम्मेलन एक नई उम्मीद लेकर आ रहा है। नाटो सदस्य देशों ने 2026 में यूक्रेन को 80 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देने का संकल्प पहले ही ले रखा है। अब इस सम्मेलन में 2027 के लिए भी समान राशि, यानी 80 अरब डॉलर की अतिरिक्त सैन्य मदद की घोषणा होने की प्रबल संभावना है। यह सैन्य पैकेज यूक्रेन की रक्षा तैयारियों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रंप का रुख और गठबंधन की चुनौतियां इस सम्मेलन पर दुनिया की निगाहें इसलिए भी हैं क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रक्षा खर्च को लेकर नाटो देशों के प्रति हमेशा सख्त रवैया रहा है। ट्रंप अपने पिछले अनुभवों के आधार पर सहयोगी देशों पर रक्षा बजट न बढ़ाने को लेकर दबाव डालते रहे हैं। ईरान के मुद्दे पर नाटो देशों के असहयोग को लेकर भी वे नाराजगी जता चुके हैं। अंकारा में सात और आठ जुलाई को होने वाले इस सम्मेलन में ट्रंप का क्या स्टैंड रहता है, यह देखने वाली बात होगी। साथ ही, तुर्किये और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस मुस्लिम बहुल नाटो सदस्य देश की मेजबानी भी इस समिट को बेहद संवेदनशील बनाती है।