Viral Post: 'दिन में सॉफ्टवेयर डेवलपर, रात में Uber ड्राइवर!' सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस युवक की कहानी ने इंटरनेट को किया भावुक
आज के इस दौर में जहां एक तरफ मंदी (Recession) और छंटनी (Layoffs) की खबरों से टेक इंडस्ट्री में खौफ का माहौल रहता है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग अपनी मेहनत और लगन से समाज के सामने एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं. सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों एक ऐसा ही पोस्ट तेजी से वायरल (Viral Post) हो रहा है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है.
यह कहानी एक ऐसे युवक की है जो दिन में एक नामी कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर (Software Developer) के पद पर काम करता है और रात होते ही अपनी जरूरतों और परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए उबर (Uber) टैक्सी चलाने निकल पड़ता है.
लिंक्डइन और एक्स (X) पर वायरल हुई पोस्ट; पैसेंजर ने शेयर की स्टोरी
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एक उबर पैसेंजर ने इस कैब को बुक किया था. सफर के दौरान जब पैसेंजर ने ड्राइवर से बातचीत शुरू की, तो वह उसकी अंग्रेजी और बात करने के लहजे (Communication Skills) से बेहद प्रभावित हुआ.
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हैरान कर देने वाला खुलासा: जब पैसेंजर ने उससे उसके बैकग्राउंड के बारे में पूछा, तो ड्राइवर ने बेहद सादगी से बताया कि वह एक टेक फर्म में कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम करता है.
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मजबूरी या चॉइस? युवक ने बताया कि दिन की नौकरी से मिलने वाली सैलरी उसके परिवार के मेडिकल खर्चों और होम लोन (Home Loan) की ईएमआई चुकाने में ही निकल जाती है. इसलिए, अतिरिक्त आय (Extra Income) के लिए वह हर रोज ऑफिस के बाद रात 9 बजे से रात 2 बजे तक उबर कैब चलाता है.
इंटरनेट पर लोगों ने किया सलाम; 'मूनलाइटिंग' पर छिड़ी नई बहस
इस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया है, लेकिन बहुतायत लोग इस युवक के जज्बे और उसकी कड़ी मेहनत की जमकर तारीफ कर रहे हैं:
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मेहनत को सलाम: अधिकांश नेटिजन्स का कहना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता. अपनी ईमानदारी की कमाई के लिए दिन-रात एक करने वाले इस डेवलपर की कहानी युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक है.
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मूनलाइटिंग (Moonlighting) पर चर्चा: इस पोस्ट ने कॉर्पोरेट जगत में एक बार फिर 'मूनलाइटिंग' (एक साथ दो काम करना) पर बहस छेड़ दी है. कुछ लोगों का मानना है कि कंपनियों को आर्थिक तंगी के इस दौर में कर्मचारियों को अपनी मर्जी से एक्स्ट्रा काम करने की छूट देनी चाहिए, बशर्ते उनकी मुख्य नौकरी प्रभावित न हो.
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महंगाई और आर्थिक दबाव: कई टेक एक्सपर्ट्स ने इस बात पर चिंता जताई है कि आज के समय में मेट्रो शहरों (जैसे बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली) में रहने का खर्च और महंगाई इतनी बढ़ चुकी है कि एक अच्छी सॉफ्टवेयर जॉब होने के बाद भी लोगों को पार्ट-टाइम काम करना पड़ रहा है.