हर गांव में पक्की सड़क और पुल हमारा लक्ष्य, गांव विकसित होगा तो प्रदेश विकसित होगा, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

हर गांव में पक्की सड़क और पुल हमारा लक्ष्य, गांव विकसित होगा तो प्रदेश विकसित होगा, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने सरकारी आवास, 7 कालिदास मार्ग, लखनऊ पर नाइजीरिया के संघीय गणराज्य के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सीनेटर डॉ. अलियु साबी अब्दुल्लाही (CON) तथा उनके सम्मानित प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि यह महत्वाकांक्षी योजना है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण को धरातल पर उतारा गया। योजना के माध्यम से गांवों को बारहमासी एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क से जोड़ने का कार्य लगातार आगे बढ़ाया गया, फेज-2 में 50,000 किलोमीटर का लक्ष्य पूर्ण किया गया। इसके पश्चात प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-3 की शुरुआत हुई, जिसके अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1.25 लाख किलोमीटर मार्ग निर्माण का कार्य किया गया। इसके बाद फेज-4 अंतर्गत लगभग 62,500 किलोमीटर मार्गों को विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-1 से फेज-4 तक कुल 21,124 मार्ग स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 77,418.69 किलोमीटर है। इन परियोजनाओं में 17 पुल भी शामिल हैं और इन कार्यों के लिए कुल 33,359.15 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। अब तक लगभग 21,040 किलोमीटर मार्गों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल स्वीकृत कार्य का लगभग 99.60 प्रतिशत है।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण शिव सहाय अवस्थी ने प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश में ग्रामीण सड़क निर्माण में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सड़क निर्माण को अधिक टिकाऊ, गुणवत्तापूर्ण, लागत प्रभावी एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एफडीआर तकनीक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस तकनीक के माध्यम से मौजूदा सड़क की सामग्री का ही वैज्ञानिक तरीके से पुनः उपयोग करते हुए सड़क को मजबूत एवं टिकाऊ बनाया जाता है। इससे निर्माण सामग्री की आवश्यकता कम होती है, परिवहन लागत में कमी आती है और निर्माण कार्य अधिक तेजी से पूरा किया जा सकता है। इसके साथ ही कार्बन फुटप्रिंट को कम करने वाली तकनीकों को अपनाकर सड़क निर्माण में पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए अपनाई जा रही इन आधुनिक तकनीकों में विशेष रुचि दिखाई और इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था, कृषि विपणन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलने वाली गति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

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