बुलंदशहर से यमुना एक्सप्रेसवे तक बनेगा नया लिंक मार्ग: यीडा ने 57% जमीन खरीदी, जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे से होगी सीधी कनेक्टिविटी

बुलंदशहर से यमुना एक्सप्रेसवे तक बनेगा नया लिंक मार्ग: यीडा ने 57% जमीन खरीदी, जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे से होगी सीधी कनेक्टिविटी

उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई और हाई-स्पीड गति देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIDA) एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) की पहुंच को और बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित नए लिंक एक्सप्रेसवे (Link Expressway) के लिए जमीन खरीदने का काम बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्राधिकरण के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए अब तक करीब 57 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। यीडा के आला अधिकारियों के मुताबिक, बाकी बची हुई जमीन को भी आगामी एक महीने के भीतर आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत खरीद लिया जाएगा। इस शुरुआती भूमि अधिग्रहण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 1,204 करोड़ रुपये का बजट पहले ही मंजूर कर दिया है, जबकि यह पूरी भव्य परियोजना लगभग 4,000 करोड़ रुपये की कुल लागत से बनकर तैयार होगी।

कैसा होगा नया लिंक एक्सप्रेसवे? जानिए इसका रूट मैप

यह नया लिंक एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यातायात को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। इस प्रोजेक्ट के तकनीकी और भौगोलिक विवरण इस प्रकार हैं:

  • शुरुआत और अंत: यह महत्वपूर्ण लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना (Siana) क्षेत्र से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर वाले बिंदु (जीरो प्वाइंट से दूरी) पर जाकर समाप्त होगा।

  • यीडा क्षेत्र और एलिवेटेड हिस्सा: इस पूरे मार्ग का लगभग 20 किलोमीटर का हिस्सा यीडा (YEIDA) के अधिसूचित क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिसमें से 9 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह एलिवेटेड (Elevated Road) बनाया जाएगा।

  • सर्विस रोड और गांवों की संख्या: स्थानीय यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक्सप्रेसवे के साथ-साथ चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय ग्रामीणों को आवाजाही में कोई दिक्कत न हो। यह पूरा एक्सप्रेसवे कुल 56 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगा।

किसे होगा सीधा फायदा? व्यापार और कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्ट

इस लिंक एक्सप्रेसवे के पूरी तरह निर्मित हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश के कई बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे आपस में इंटरलिंक हो जाएंगे:

  • मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: इस नए मार्ग के जरिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगरा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बीच सीधे और निर्बाध संपर्क की शानदार सुविधा मिलेगी।

  • औद्योगिक सेक्टर्स को लाभ: यमुना सिटी के प्रमुख औद्योगिक सेक्टरों (जैसे- सेक्टर 28, 29, 32 और 33) को सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इससे मालवाहक कार्गो और भारी कमर्शियल वाहनों की आवाजाही सुपरफास्ट होगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों और उद्योगों को बड़ा लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलेगा।

  • समय की बचत: दिल्ली, नोएडा और पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों के बीच दैनिक सफर करने वाले आम यात्रियों के समय और ईंधन में भारी बचत होगी।

जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा, परिचालन हुआ शुरू

कनेक्टिविटी के इस महाजाल को इसलिए भी तेज किया जा रहा है क्योंकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण (Phase 1) पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है और यहां से उड़ानों का परिचालन (Operations) भी शुरू हो गया है।

वर्तमान में यह एयरपोर्ट अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है और सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को विश्वस्तरीय सेवाएं देने में पूरी तरह सक्षम है। भविष्य की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस एयरपोर्ट को आगे चलकर कुल चार बड़े चरणों में और अधिक विस्तारित और विशाल बनाया जाएगा।

यूपीडा (UPEIDA) संभालेगा निर्माण की कमान

यह नया लिंक एक्सप्रेसवे न केवल चालू हो चुके जेवर एयरपोर्ट की उपयोगिता और पहुंच को कई गुना बढ़ा देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के ओवरऑल बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक वैश्विक पहचान दिलाएगा। यीडा द्वारा शत-प्रतिशत जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिए जाने के तुरंत बाद, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को इस प्रोजेक्ट के फिजिकल निर्माण कार्य की कमान सौंप दी जाएगी, जो इसका निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करेगा।

 

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