काशी की बदली काया! पिछले 12 वर्षों में पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी को दी विकास की महा-सौगात, रोपवे से लेकर इंटरनेशनल स्टेडियम तक
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी कहे जाने वाले प्राचीन शहर वाराणसी (काशी) से देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए एक बेहद गौरवशाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में वाराणसी ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। एक दौर था जब काशी को केवल उसकी तंग गलियों और घाटों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यह प्राचीन नगरी आधुनिकता और अध्यात्म का एक ऐसा बेजोड़ केंद्र बन चुकी है जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में है। देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे से लेकर अत्याधुनिक अस्पतालों, चमचमाती रिंग रोड और भव्य इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स ने बनारस की पूरी सूरत बदल कर रख दी है। प्रधानमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट्स वाले मॉडल ने न केवल स्थानीय लोगों का जीवन आसान बनाया है, बल्कि यहां के धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) में भी रिकॉर्डतोड़ इजाफा दर्ज किया गया है। आइए एक ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से देखते हैं कि इन 12 सालों में बाबा विश्वनाथ की नगरी में क्या-क्या बड़े और ऐतिहासिक बदलाव आए हैं।
देश का पहला अर्बन रोपवे और चमचमाती रिंग रोड, ट्रैफिक जाम की समस्या का हुआ खात्मा
वाराणसी आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी यहां की सड़कों पर लगने वाला भारी ट्रैफिक जाम हुआ करता था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया। काशी को देश का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट पैसेंजर रोपवे (Varanasi Ropeway Project) मिला है, जो वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से सीधे गोदौलिया तक का सफर मिनटों में तय करा रहा है। इसके साथ ही वाराणसी रिंग रोड के निर्माण ने भारी वाहनों को शहर के बाहर ही रास्ता दे दिया है, जिससे शहर के आंतरिक इलाकों में ट्रैफिक का दबाव बेहद कम हो गया है। फोर-लेन और सिक्स-लेन सड़कों के जाल ने बाबतपुर एयरपोर्ट से बाबा विश्वनाथ धाम तक की दूरी को बेहद सुगम और तेज बना दिया है।
अस्पतालों का आधुनिक नेटवर्क, पूर्वांचल और बिहार के मरीजों के लिए बना वरदान
स्वास्थ्य के क्षेत्र में वाराणसी अब केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल, बिहार और नेपाल तक के मरीजों के लिए एक बहुत बड़ा मेडिकल हब बनकर उभरा है। पीएम मोदी के प्रयासों से काशी में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और लहरतारा में होमी भाभा कैंसर अस्पताल की स्थापना की गई, जिससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के इलाज के लिए अब मरीजों को मुंबई या दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ती। इसके अलावा बीएचयू (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल का आधुनिकीकरण किया गया है और शहर में कई नए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक जोड़े गए हैं, जिससे हर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार को विश्वस्तरीय और सस्ता इलाज घर के पास ही मिल रहा है।
इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और 'रुद्राक्ष' कन्वेंशन सेंटर ने बढ़ाई वैश्विक साख
बनारस की बदलती आधुनिक पहचान में गंजारी में बन रहा भव्य इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। भगवान शिव के स्वरूप (डमरू, त्रिशूल और बेलपत्र) की थीम पर आधारित यह स्टेडियम न केवल खेल प्रेमियों के लिए बड़ी सौगात है, बल्कि इससे पूर्वांचल में खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही जापान के सहयोग से बना अत्याधुनिक 'रुद्राक्ष' कन्वेंशन सेंटर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े सम्मेलनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और एग्जीबिशन का मुख्य केंद्र बन चुका है, जिसने वाराणसी की साख को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई दी है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद धार्मिक पर्यटन में आया ऐतिहासिक उछाल, रोजगार के खुले नए अवसर
इन 12 वर्षों के कार्यकाल की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि 'श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर' का भव्य निर्माण रही है। मां गंगा के घाट से सीधे बाबा के दरबार को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर के बनने के बाद से काशी आने वाले शिवभक्तों और पर्यटकों की संख्या में 10 गुना से भी ज्यादा की ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई है। सावन के महीनों और त्योहारों पर अब करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के सुगमता से दर्शन कर पा रहे हैं। पर्यटन में आए इस जबर्दस्त उछाल ने वाराणसी की स्थानीय अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। होटल उद्योग, नाविक, हस्तशिल्प (बनारसी साड़ी और खिलौने) और छोटे दुकानदारों की आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा हुए हैं।