मेरठ में सियासी सरगर्मी! पीड़ित दलित छात्रा ललिता गौतम के घर पहुंचे अखिलेश यादव, कहा- 'हम साथ हैं', पिंकी भैया का बड़ा एलान
उत्तर प्रदेश के मेरठ से इस वक्त की सबसे बड़ी और संवेदनशील राजनीतिक खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेरठ का दौरा कर दिवंगत दलित छात्रा ललिता गौतम के पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। अखिलेश यादव ने ललिता गौतम के माता-पिता और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए साफ शब्दों में न्याय का भरोसा दिया और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरी समाजवादी पार्टी आपके साथ खड़ी है। इसी बीच, स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता पिंकी भैया ने इस मामले को लेकर एक बड़े 'मेरठ कूच' का आधिकारिक एलान कर दिया है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।
अखिलेश यादव का पीड़ित परिवार को ढांढस: न्याय की लड़ाई में सपा देगी पूरा साथ
मेरठ के स्थानीय गांव में पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे अखिलेश यादव ने घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने स्थानीय कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। सपा मुखिया ने कहा कि एक होनहार दलित छात्रा के साथ हुई इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक ललिता गौतम को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। अखिलेश यादव ने परिवार को हर संभव आर्थिक और कानूनी मदद देने का भी आश्वासन दिया।
पिंकी भैया के 'मेरठ कूच' के एलान से प्रशासनिक महकमे में मची खलबली
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है: "अखिलेश यादव के इस दौरे और पिंकी भैया द्वारा 'मेरठ कूच' के किए गए एलान ने इस मामले को राज्य स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बना दिया है। पश्चिमी यूपी में दलित और पिछड़े वर्ग के गठबंधन को मजबूत करने के लिहाज से विपक्ष के लिए यह एक बड़ा सियासी कदम है। पिंकी भैया के इस आक्रामक रुख के बाद अब स्थानीय प्रशासन पर आरोपियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई करने का भारी दबाव बन गया है।"
पिंकी भैया ने साफ किया है कि जब तक पीड़ित परिवार की सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और दोषियों को सख्त से सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं। उन्होंने आस-पास के जिलों से भी कार्यकर्ताओं को मेरठ पहुंचने का आह्वान किया है।
पश्चिमी यूपी और मेरठ के स्थानीय जिलों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
भौगोलिक और स्थानीय (Geographical Sensitivity) दृष्टिकोण से देखें तो मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद जैसे आस-पास के जिलों में इस घटना को लेकर जनता के बीच काफी रोष है। 'मेरठ कूच' के एलान को देखते हुए मेरठ जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं। संवेदनशील इलाकों और कलेक्ट्रेट परिसर के आस-पास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोका जा सके। विपक्ष के इस कड़े तेवर ने साफ कर दिया है कि ललिता गौतम न्याय का यह मामला आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की सियासत का एक बड़ा केंद्र बिंदु बनने जा रहा है।