यमुना और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा 73.4 KM लंबा लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट का सफर होगा आसान, 60% जमीन का काम पूरा

यमुना और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा 73.4 KM लंबा लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट का सफर होगा आसान, 60% जमीन का काम पूरा

उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIDA) युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। यीडा के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले बेहद महत्वाकांक्षी लिंक एक्सप्रेसवे (Link Expressway) के लिए जमीन खरीदने का काम सुपरफास्ट स्पीड से आगे बढ़ रहा है।

प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाले 16 गांवों की कुल 740 एकड़ जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित की गई है, जिसमें से लगभग 60 प्रतिशत जमीन किसानों की आपसी सहमति से (Direct Purchase) खरीदी जा चुकी है। वहीं, शेष बची भूमि के अधिग्रहण (Land Acquisition) की कानूनी प्रक्रिया भी अब अपने अंतिम चरणों में पहुंच गई है।

भव्य इंटरचेंज से आसान होगा हवाई यात्रियों का सफर

दोनों बड़े एक्सप्रेसवे को आपस में निर्बाध रूप से जोड़ने के लिए एक बेहद आधुनिक और भव्य इंटरचेंज (Interchange) का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए यीडा ने भाईपुर, ब्रह्मनानपुर और मेहंदीपुर बांगर गांवों की जमीन खरीदने की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है।

यह नया इंटरचेंज जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच तीसरा सबसे महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु (Connectivity Point) साबित होगा। इस इंटरचेंज और लिंक रोड के निर्माण के लिए सरकार ने 1209 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य यह है कि लिंक एक्सप्रेसवे और इंटरचेंज दोनों का निर्माण कार्य एक साथ शुरू किया जा सके ताकि प्रोजेक्ट में कोई देरी न हो।

क्या है इस मेगा प्रोजेक्ट की मुख्य खासियत?

यह नया लिंक एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • कुल लंबाई: यह लिंक एक्सप्रेसवे कुल 73.4 किलोमीटर लंबा होगा।

  • चौड़ाई का ढांचा: मुख्य एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 80 मीटर तय की गई है, जिसके दोनों ओर स्थानीय यातायात के लिए चौड़ी सर्विस रोड (Service Roads) बनाई जाएंगी। सर्विस रोड को मिलाकर इसकी कुल चौड़ाई 130 मीटर तक हो जाएगी।

  • कनेक्टिविटी प्वाइंट: यह लिंक मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर वाले प्वाइंट (जीरो प्वाइंट से दूरी) पर आकर सीधे जुड़ेगा।

इस रूट के पूरी तरह चालू हो जाने से अलीगढ़, मथुरा, आगरा और मेरठ सहित पश्चिमी यूपी के कई प्रमुख जिले सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से कनेक्ट हो जाएंगे।

मास्टर प्लान 2041 के तहत बढ़ रहा है 'लैंड बैंक'

यमुना प्राधिकरण का विजन सिर्फ इस लिंक एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी तक ही सीमित नहीं है। भविष्य की औद्योगिक और आवासीय योजनाओं को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान 2041 (Master Plan 2041) पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसके तहत प्राधिकरण अपने 'लैंड बैंक' (Land Bank) को लगातार बड़ा कर रहा है। इसी कड़ी में यीडा द्वारा सेक्टर 5, 7, 8 और 8-एफ में भी किसानों से आपसी सहमति के आधार पर बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद की जा रही है।

व्यापार और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, जमीन खरीद का काम पूरी गति से जारी है और जल्द ही शत-प्रतिशत भूमि पर कब्जा ले लिया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के तैयार होने से न केवल दिल्ली-एनसीआर में माल ढुलाई और व्यापार को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों, दैनिक यात्रियों और देश-विदेश से आने वाले हवाई यात्रियों के लिए भी सफर का समय आधा रह जाएगा और यात्रा बेहद सुविधाजनक हो जाएगी।

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