हवाई जहाज की खिड़कियां चौकोर क्यों नहीं होतीं? इसके पीछे छिपा है विज्ञान का एक 'जानलेवा' राज

हवाई जहाज की खिड़कियां चौकोर क्यों नहीं होतीं? इसके पीछे छिपा है विज्ञान का एक 'जानलेवा' राज

हम सभी ने कभी न कभी हवाई यात्रा की होगी और खिड़की से बाहर के नजारों का आनंद लिया होगा। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि हवाई जहाज की खिड़कियां हमेशा गोलाकार (Round) या ओवल आकार की ही क्यों होती हैं? अगर आप सोचते हैं कि यह सिर्फ डिजाइन का हिस्सा है, तो आप गलत हैं। इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प और गंभीर वैज्ञानिक कारण छिपा है, जिसका सीधा संबंध हवाई जहाज और उसमें बैठे यात्रियों की सुरक्षा से है। 1950 के दशक के बाद से खिड़कियों के इस आकार को अनिवार्य कर दिया गया था, क्योंकि एक छोटी सी गलती ने बड़ी तबाही मचाई थी।

चौकोर खिड़कियां बनी थीं हादसे का कारण

शुरुआती समय में हवाई जहाज की खिड़कियां चौकोर हुआ करती थीं, लेकिन 1950 के दशक में 'डी हैविलैंड कोमेट' (De Havilland Comet) विमानों के साथ हुए कुछ भीषण हादसों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। जांच में पता चला कि इन विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने का मुख्य कारण उनकी चौकोर खिड़कियां ही थीं। दरअसल, चौकोर खिड़कियों के कोनों पर दबाव (Stress) बहुत ज्यादा केंद्रित हो जाता था। जब विमान काफी ऊंचाई पर उड़ता था, तो हवा का दबाव (Pressure) इन कोनों पर इतना बढ़ जाता था कि धातु की बॉडी में दरारें पड़ने लगती थीं। यही दरारें समय के साथ बढ़ती गईं और विमान हवा में ही बिखर गए।

गोल आकार कैसे बचाता है बड़ी दुर्घटना से?

गोलाकार खिड़कियां इस दबाव को एक जगह केंद्रित नहीं होने देतीं। गोल आकार होने की वजह से, हवा का दबाव खिड़की के किनारों पर समान रूप से वितरित (Distribute) हो जाता है। इसका मतलब है कि कोनों पर किसी एक बिंदु पर खिंचाव नहीं पड़ता, जिससे खिड़की का कांच और विमान की बॉडी लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहती है। यह डिजाइन विमान को काफी ऊंचाई और अधिक गति पर भी बिना किसी संरचनात्मक नुकसान (Structural Damage) के उड़ने में सक्षम बनाता है। यह सरल सा दिखने वाला घुमावदार डिजाइन असल में लाखों यात्रियों की जान बचाने वाला एक सुरक्षा कवच है।

खिड़की के शीशे में भी छिपा है एक रहस्य

सिर्फ खिड़की का आकार ही नहीं, बल्कि उसमें लगा कांच भी बहुत खास होता है। हवाई जहाज की हर खिड़की में तीन परतों वाला कांच होता है। बाहरी परत बाहर के दबाव को सहने के लिए होती है, बीच वाली परत किसी भी आपातकालीन दबाव को रोकने के लिए, और अंदर वाली परत खरोंच या नुकसान से बचाने के लिए होती है। इसके अलावा, एक छोटी सी छेद (Breather Hole) भी होती है जो अंदर और बाहर के दबाव को संतुलित करती है और खिड़की पर ओस या बर्फ जमने से रोकती है। तो अगली बार जब आप खिड़की के पास बैठें, तो याद रखिएगा कि यह गोल आकार केवल देखने के लिए नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा की एक बड़ी तकनीक है।

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