बादलों के ऊपर उगता सूरज: मानसून में भारत के ये 9 सबसे खूबसूरत ट्रेक्स देंगे जिंदगी भर की यादें
मानसून की ठंडी फुहारों के बीच पहाड़ों की खूबसूरती में एक नया निखार आ जाता है। चारों तरफ फैली हरियाली, पहाड़ों पर तैरते सफेद बादल और ठंडी हवाएं किसी का भी दिल मोह सकती हैं। लेकिन सोचिए, अगर आपकी रात की थकाऊ चढ़ाई का अंत सुबह-सुबह बादलों के समंदर के ऊपर से उगते सुनहरे सूरज के साथ हो, तो वह अहसास कैसा होगा?
सूरज की पहली किरण जब बादलों की चादर को चीरकर ऊंची चोटियों पर पड़ती है, तो पूरा नजारा सुनहरे रंग में नहा जाता है। हर ट्रैवलर और एडवेंचर लवर अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार इस जादुई नजारे का गवाह बनना चाहता है। अगर आप भी इस मानसून या आने वाले मौसम में किसी यादगार सफर पर निकलने की सोच रहे हैं, तो भारत के ये 9 बेहतरीन सनराइज ट्रेक्स आपकी विशलिस्ट में जरूर होने चाहिए:
1. स्कंदगिरि ट्रेक (Skandagiri Trek) - कर्नाटक
बेंगलुरु के पास स्थित स्कंदगिरि ट्रेक युवाओं और वीकेंड ट्रिप प्लान करने वालों के बीच खासा लोकप्रिय है। यह एक 'नाइट ट्रेक' (Night Trek) है, जो आधी रात के बाद शुरू होता है।
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खासियत: भोर के समय जब आप चोटी पर पहुंचते हैं, तो आपके पैरों के नीचे बादलों की मोटी परत जमा होती है। बादलों के इसी समंदर से जब सूरज धीरे-धीरे बाहर आता है, तो नजारा देखने लायक होता है।
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किसे जाना चाहिए: वीकेंड पर कम समय में थ्रिलिंग एडवेंचर चाहने वालों के लिए परफेक्ट है।
2. संदाकफू-फालुट ट्रेक (Sandakphu–Phalut Trek) - पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल और नेपाल सीमा पर स्थित यह ट्रेक भारत के सबसे शानदार सनराइज पॉइंट में से एक माना जाता है।
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खासियत: साफ मौसम में यहां से विश्व की चार सबसे ऊंची चोटियों (माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा, ल्होत्से और मकालू) का दीदार होता है। सुबह की पहली धूप में जब कंचनजंगा रेंज पर सोने जैसी चमक बिखेरती है, तो इसे 'स्लीपिंग बुद्ध' का अद्भुत रूप कहा जाता है।
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किसे जाना चाहिए: फोटोग्राफी, प्रकृति प्रेमियों और लंबे हिमालयी ट्रेक के शौकीनों के लिए।
3. गोएचाला ट्रेक (Goechala Trek) - सिक्किम
सिक्किम का गोएचाला ट्रेक रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता का एक अनूठा संगम है।
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खासियत: यह ट्रेक आपको कंचनजंगा पर्वतमाला के बिल्कुल करीब ले जाता है। सुबह की पहली किरण जब कंचनजंगा की विशाल दीवार पर पड़ती है, तो हर मिनट पहाड़ों का रंग बदलता नजर आता है।
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किसे जाना चाहिए: अनुभवी ट्रेकर्स जो एक कठिन लेकिन बेहद खूबसूरत सफर का अनुभव करना चाहते हैं।
4. ट्रियुंड ट्रेक (Triund Trek) - हिमाचल प्रदेश
धर्मशाला (मैक्लॉडगंज) के पास स्थित ट्रियुंड ट्रेक नए ट्रेकर्स (Beginners) के लिए स्वर्ग माना जाता है।
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खासियत: यह ट्रेक काफी छोटा और आसान है। रात में धौलाधार पर्वतमाला के नीचे तारों की छांव में कैंपिंग और सुबह-सुबह कांगड़ा घाटी के ऊपर उगते सूरज का नजारा इस सफर को यादगार बना देता है।
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किसे जाना चाहिए: जो लोग पहली बार पहाड़ों पर ट्रेकिंग का अनुभव ले रहे हैं।
5. केदारकांठा ट्रेक (Kedarkantha Trek) - उत्तराखंड
यूं तो केदारकांठा ट्रेक अपनी सर्दियों की बर्फबारी के लिए जाना जाता है, लेकिन मानसून और उसके ठीक बाद का समय यहां की शांति और हरियाली के लिए अद्भुत होता है।
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खासियत: 12,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इसकी चोटी से 360-डिग्री हिमालयी नजारा दिखाई देता है। सुबह के समय चोटी से उगते सूरज को देखना एक आध्यात्मिक और सुकून देने वाला अनुभव है।
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किसे जाना चाहिए: प्रकृति के शांत माहौल में सूर्योदय का आनंद लेने वाले यात्रियों के लिए।
6. देवरियाताल-चंद्रशिला ट्रेक (Deoriatal–Chandrashila) - उत्तराखंड
यह ट्रेक देवरियाताल झील के शांत पानी में चोटियों के प्रतिबिंब से शुरू होकर चंद्रशिला चोटी तक जाता है।
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खासियत: तुंगनाथ मंदिर से होते हुए जब आप चंद्रशिला टॉप पर पहुंचते हैं, तो वहां से नंदा देवी, चौखंभा और त्रिशूल पर्वत पर सुबह की सुनहरी धूप बिखरती हुई दिखाई देती है। मानसून में चारों तरफ फैली मखमली हरियाली इस सफर को और खूबसूरत बनाती है।
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किसे जाना चाहिए: आध्यात्मिक और प्राकृतिक खूबसूरती के कॉम्बिनेशन की तलाश करने वालों के लिए।
7. ब्रह्मताल ट्रेक (Brahmatal Trek) - उत्तराखंड
शांत माहौल, बुग्याल और खूबसूरत पहाड़ी झीलों से घिरा ब्रह्मताल ट्रेक भीड़भाड़ से दूर एक बेहतरीन विकल्प है।
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खासियत: ट्रेक के दौरान मिलने वाली ब्रह्मताल और बेकल ताल झीलें सुबह के समय किसी आईने की तरह चमकती हैं। सूर्योदय के समय त्रिशूल और नंदा घुंटी चोटियों का नजारा यहां से बेहद लुभावना लगता है।
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किसे जाना चाहिए: जो लोग शांति से बैठकर प्रकृति के बदलते रंगों को देखना चाहते हैं।
8. दयारा बुग्याल ट्रेक (Dayara Bugyal Trek) - उत्तराखंड
'बुग्याल' यानी ऊंचे पहाड़ों पर स्थित घास के मखमली मैदान। दयारा बुग्याल भारत के सबसे सुंदर घास के मैदानों में से एक है।
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खासियत: मानसून के समय यह पूरा इलाका हरे कालीन में बदल जाता है। खुले आसमान के नीचे हरे-भरे मैदानों से सूर्योदय देखना और धूप में चमकती गंगोत्री रेंज को निहारना एक अवास्तविक सा अहसास देता है।
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किसे जाना चाहिए: परिवार, दोस्तों और नेचर लवर्स के लिए आसान और सुकून भरा ट्रेक।
9. कुआरी पास ट्रेक (Kuari Pass Trek) - उत्तराखंड
'लॉर्ड कर्जन ट्रेल' के नाम से मशहूर यह ट्रेक अपनी खुली घाटियों और विशाल हिमालयी चोटियों के दृश्यों के लिए जाना जाता है।
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खासियत: कुआरी पास से भारत की दूसरी सबसे ऊंची चोटी 'नंदा देवी' का नजारा बहुत स्पष्ट दिखता है। सुबह के समय जब सूरज नंदा देवी चोटी के पीछे से निकलता है, तो वह दृश्य आंखों में हमेशा के लिए बस जाता है।
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किसे जाना चाहिए: खुले व्यू और भव्य हिमालयी चोटियों को करीब से देखने के शौकीनों के लिए।
मानसून ट्रेकिंग में रखें इन जरूरी सावधानियों का ध्यान (Safety Tips)
मानसून के दौरान पहाड़ों की खूबसूरती जितनी बढ़ती है, जोखिम भी उतना ही रहता है। इसलिए सुरक्षित सफर के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
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वेदर फॉरकास्ट (Weather Forecast): निकलने से पहले संबंधित इलाके के मौसम का पूर्वानुमान जरूर जांचें।
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सही गियर (Trekking Gear): वॉटरप्रूफ और अच्छी ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज ही पहनें। रेनकोट, पोंचो और बैग के लिए वॉटरप्रूफ कवर साथ रखें।
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जरूरी दवाइयां: फर्स्ट एड किट, ओरस (ORS), सर्दी-जुकाम और मांसपेशियों के दर्द की दवाएं बैग में जरूर रखें।
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लोकल गाइड: अकेले अज्ञात रास्तों पर जाने से बचें। स्थानीय गाइड या अनुभवी ट्रेकिंग ग्रुप के साथ ही सफर करें।