मानसून में पहाड़ों पर घूमने का है प्लान? घर से निकलने से पहले गांठ बांध लें ये 5 जरूरी बातें
रिमझिम बारिश के इस सुहाने मौसम में पहाड़ों की हरियाली और खूबसूरत वादियां हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। यही वजह है कि मानसून आते ही लोग हिल स्टेशन्स की तरफ रुख करने लगते हैं। लेकिन याद रखिए, बरसात के दिनों में पहाड़ों का सफर जितना खूबसूरत होता है, उतना ही खतरनाक और अनप्रेडिक्टेबल भी हो सकता है। भूस्खलन (लैंडस्लाइड), अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भारी जाम जैसी परेशानियां आपके ट्रिप का मजा किरकिरा कर सकती हैं। अगर आप भी इस मौसम में पहाड़ों की यात्रा पर निकल रहे हैं, तो कुछ बेहद जरूरी तैयारियां पहले ही कर लें ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
मौसम का मिजाज और रास्तों का लाइव अपडेट रखना है सबसे जरूरी
पहाड़ों की तरफ कदम बढ़ाने से पहले सबसे पहला और अनिवार्य काम यह है कि आप वहां के मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी और स्थानीय समाचारों पर पैनी नजर रखें। जिस रूट से आप जाने वाले हैं, वहां लैंडस्लाइड या सड़कों के बंद होने की क्या स्थिति है, इसकी पूरी जानकारी जुटा लें। अगर मौसम विभाग ने भारी बारिश का रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, तो अपनी यात्रा को कुछ दिनों के लिए टाल देना ही समझदारी है।
गाड़ी की कंडीशन और अपनी ड्राइविंग स्किल्स का रखें खास ख्याल
अगर आप अपनी पर्सनल कार या बाइक से पहाड़ों पर जा रहे हैं, तो मेकैनिक से उसकी पूरी जांच करवा लें। खासकर गाड़ी के ब्रेक, टायर्स की ग्रिप, वाइपर्स और हेडलाइट्स बिल्कुल दुरुस्त होने चाहिए। मानसून में पहाड़ों की घुमावदार सड़कों पर विजिबिलिटी बहुत कम हो जाती है और रास्ते बेहद फिसलन भरे होते हैं। अगर आपको पहाड़ों पर ड्राइविंग का अच्छा अनुभव नहीं है, तो खुद गाड़ी चलाने के बजाय किसी अनुभवी लोकल ड्राइवर की मदद लें या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
इमरजेंसी किट और जरूरी दवाइयां साथ रखना न भूलें
बरसात के मौसम में पहाड़ों पर रास्ते बंद होना आम बात है। कई बार सैलानी घंटों तक रास्तों या जंगलों के बीच फंस जाते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अपनी गाड़ी में एक इमरजेंसी किट हमेशा तैयार रखें। इस किट में ओआरएस, सर्दी-खांसी, बुखार, उल्टी और बैंडेज जैसी जरूरी दवाइयां होनी चाहिए। इसके अलावा टॉर्च, माचिस या लाइटर, पावर बैंक और कुछ सूखा खाने का सामान (जैसे बिस्कुट, नट्स और एनर्जी बार) पर्याप्त मात्रा में अपने साथ रखें।
वाटरप्रूफ पैकिंग और एक्स्ट्रा कैश की व्यवस्था रखें दुरुस्त
पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान कब तेज बारिश शुरू हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। इसलिए अपने सभी जरूरी दस्तावेजों, मोबाइल, लैपटॉप और कपड़ों को हमेशा वाटरप्रूफ बैग में ही पैक करें। इसके साथ ही, आज के डिजिटल दौर में भी अपने पास पर्याप्त मात्रा में कैश (नकद पैसे) जरूर रखें। पहाड़ों पर नेटवर्क की समस्या के कारण अक्सर ऑनलाइन पेमेंट, जीपे या एटीएम काम करना बंद कर देते हैं, ऐसे में कैश ही आपके काम आएगा।
एडवांस होटल बुकिंग और स्थानीय प्रशासन के संपर्क नंबर
बिना किसी तैयारी या एडवांस बुकिंग के मानसून में पहाड़ों पर जाने की गलती बिल्कुल न करें। जिस जगह आप जा रहे हैं, वहां होटल की बुकिंग पहले से कन्फर्म रखें। इसके साथ ही, उस राज्य या जिले के स्थानीय आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और पुलिस हेल्पलाइन नंबरों की एक लिस्ट अपने फोन में सेव करने के साथ-साथ एक डायरी में भी लिख लें, ताकि फोन बंद होने पर भी आप मदद के लिए संपर्क कर सकें।