कांच जैसा साफ पानी और जन्नत सा नजारा! लद्दाख से सिक्किम तक ये हैं भारत की 6 सबसे खूबसूरत झीलें
भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रदूषण से दूर अगर आप किसी ऐसी जगह जाने की सोच रहे हैं जहां कुदरत का असली जादू देखने को मिले, तो भारत की ये खूबसूरत झीलें आपका दिल जीत लेंगी। हमारे देश में प्राकृतिक सौंदर्य का ऐसा खजाना छुपा है, जिसे देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। लद्दाख के बर्फीले पहाड़ों से लेकर सिक्किम की हरी-भरी वादियों तक, भारत में कई ऐसी झीलें हैं जिनका पानी इतना साफ और पारदर्शी है कि आप उसमें अपना चेहरा तक देख सकते हैं। आइए जानते हैं देश की उन 6 सबसे स्वच्छ और जादुई झीलों के बारे में, जिन्हें हर ट्रैवलर को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए।
1. पैंगोंग त्सो झील (लद्दाख) - रंगों को बदलता कुदरत का अजूबा
लद्दाख में स्थित पैंगोंग त्सो झील दुनिया की सबसे खूबसूरत और मशहूर झीलों में से एक है। लगभग 14,270 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस झील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका पानी दिन के अलग-अलग समय पर अपना रंग बदलता नजर आता है। नीले, हरे और हल्के भूरे रंग की दिखने वाली यह झील सर्दियों में पूरी तरह जम जाती है। इसका साफ और क्रिस्टल क्लियर पानी चारों तरफ फैले पहाड़ों के साथ मिलकर एक अकल्पनीय दृश्य पैदा करता है।
2. गुरुडोंगमार झील (सिक्किम) - पवित्रता और सौंदर्य का बेजोड़ संगम
उत्तरी सिक्किम में स्थित गुरुडोंगमार झील भारत की सबसे ऊंची झीलों में शुमार है। लगभग 17,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस झील को बेहद पवित्र माना जाता है। इस झील का पानी इतना पारदर्शी और शुद्ध है कि कड़ाके की ठंड में भी इसका एक हिस्सा कभी नहीं जमता। बौद्ध और सिख धर्म के लोगों के लिए आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ यह जगह एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
3. उमंगोट झील (मेघालय) - जहां हवा में तैरती हुई दिखती हैं नावें
मेघालय के दावकी कस्बे में स्थित उमंगोट झील को भारत की सबसे साफ झील का दर्जा प्राप्त है। इस झील का पानी इस कदर पारदर्शी है कि जब इस पर नावें चलती हैं, तो ऐसा भ्रम होता है जैसे वे किसी कांच के ऊपर या हवा में तैर रही हों। झील के नीचे पड़े पत्थर, कंकड़ और मछलियां सतह से बिल्कुल साफ नजर आती हैं। स्वच्छता के मामले में इस जगह का मुकाबला पूरी दुनिया में कोई नहीं कर सकता।
4. त्सोमगो झील (सिक्किम) - पहाड़ों के बीच छुपी एक जादुई दुनिया
पूर्वी सिक्किम में स्थित त्सोमगो झील, जिसे स्थानीय लोग 'चांगू लेक' भी कहते हैं, अपनी अलौकिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। बर्फ से ढकी चोटियों के बीच घिरी यह झील सर्दियों में पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर में तब्दील हो जाती है, जबकि गर्मियों में इसके आसपास खिले रंग-बिरंगे फूल इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। इस झील का पानी पहाड़ों के ग्लेशियर से आता है, जिसके कारण यह बेहद शुद्ध और साफ रहता है।
5. पराशर झील (हिमाचल प्रदेश) - तैरते हुए द्वीप का रहस्य
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित पराशर झील अपने आप में एक बड़ा रहस्य और आकर्षण का केंद्र है। चारों तरफ से धौलाधार की पहाड़ियों से घिरी इस गहरी नीली झील के बीच में एक छोटा सा घास का द्वीप है, जो समय-समय पर अपनी जगह बदलता रहता है यानी पानी पर तैरता है। इस झील के किनारे तीन मंजिला भव्य पैगोडा शैली का मंदिर भी स्थित है, जो इस जगह को बेहद शांत और आध्यात्मिक बनाता है।
6. डल झील (श्रीनगर, कश्मीर) - धरती का स्वर्ग और साफ पानी का सम्मोहन
कश्मीर की वादियों का जिक्र हो और डल झील का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। हालांकि पर्यटन के कारण इस पर दबाव बढ़ा है, लेकिन इसके कुछ अंदरूनी हिस्से आज भी बेहद साफ और शांत हैं। सुबह के वक्त जब सूरज की किरणें इसके साफ पानी पर पड़ती हैं, तो तैरते हुए शिकार और हाउसबोट्स का नजारा देखने लायक होता है। यह झील कश्मीर की संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का सबसे बड़ा प्रतीक है।