खिड़की से हटेंगी नहीं नजरें: साउथ इंडिया की वो 8 ट्रेन यात्राएं, जो आपको जन्नत जैसे जंगलों और झरनों के बीच ले जाएंगी
दक्षिण भारत की खूबसूरती का असली आनंद लेना है, तो सड़क के रास्ते नहीं, पटरियों पर सफर कीजिए। साउथ इंडिया के खूबसूरत रेल मार्ग केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये प्रकृति के सबसे अद्भुत नजारों से होकर गुजरने वाले गलियारे हैं। घने जंगल, बादलों को छूती पहाड़ियाँ और दूधिया सफेद झरने—इन ट्रेनों की खिड़की से बाहर का नजारा कुछ ऐसा होता है कि घंटों गुजर जाने का एहसास ही नहीं होता। यदि आप भी यात्रा के शौकीन हैं, तो दक्षिण भारत की इन 8 चुनिंदा ट्रेन यात्राओं को अपनी 'बकेट लिस्ट' में जरूर शामिल करें।
प्रकृति की गोद से गुजरने वाले सबसे खूबसूरत रेल रूट
साउथ इंडिया के ये रेल रूट हर सीजन में अलग रंग बदलते हैं। मानसून के दौरान जब पश्चिमी घाट की पहाड़ियां हरी चादर ओढ़ लेती हैं, तब इन ट्रेनों का सफर किसी स्वप्न जैसा लगता है। नीलगिरी माउंटेन रेलवे, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, से लेकर कोंकण रेलवे के उन रास्तों तक, जहाँ एक तरफ सागर और दूसरी तरफ पहाड़ होते हैं, यह सफर हर यात्री को मंत्रमुग्ध कर देता है। इन ट्रेनों में सफर करते समय आप सुरंगों, तीखे मोड़ों और ऊंचे पुलों से गुजरते हैं, जो आपकी यात्रा में रोमांच और सुंदरता का एक बेहतरीन मिश्रण घोल देते हैं।
ये 8 ट्रेनें जो आपको प्रकृति के करीब ले जाएंगी
सबसे पहले नाम आता है 'नीलगिरी माउंटेन रेलवे' (ऊटी टॉय ट्रेन) का, जो आपको पहाड़ों की ऊंचाई और चाय के बागानों के बीच ले जाती है। दूसरा है 'कोंकण रेलवे', जो अपने आप में दुनिया के सबसे सुंदर रेल मार्गों में से एक है। इसके अलावा, हुबली से अंकोला का रूट, जिसे 'लेक-टू-सी' यात्रा कहा जाता है, बेहद मनमोहक है। वहीं, बेंगलुरु से मंगलुरु का 'सकलेशपुर रेल रूट' अपनी धुंध और सुरंगों के लिए मशहूर है। कोल्लम से सेन्कोट्टा तक की यात्रा, कुनूर से ऊटी का रास्ता, रामेश्वरम की पंबन ब्रिज क्रॉसिंग और चेन्नई से रामेश्वरम जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें—ये सभी मार्ग अपनी प्राकृतिक संपदा और खूबसूरती के लिए यात्रियों के दिलों पर राज करते हैं। अपनी अगली छुट्टियों के लिए इन रास्तों को चुनें और प्रकृति के उस रूप को देखें, जो केवल ट्रेन की खिड़की से ही संभव है।