जयपुर में तबेलेनुमा स्कूल के दिन अब बहुरेंगे, सितंबर से शुरू होगा नया काम, CJP ने सीएम भजनलाल को कहा थैंक्स

जयपुर में तबेलेनुमा स्कूल के दिन अब बहुरेंगे, सितंबर से शुरू होगा नया काम, CJP ने सीएम भजनलाल को कहा थैंक्स

राजस्थान की राजधानी जयपुर से शिक्षा व्यवस्था की एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। जयपुर में एक तबेले और बेहद खराब हालात में चल रहे सरकारी स्कूल के पुनर्निर्माण और सुधार का काम आने वाली सितंबर महीने से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है। इस अहम फैसले के बाद से स्थानीय लोगों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने इस बड़े कदम के लिए राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि आखिरकार वही हो रहा है जिसकी मांग वे लंबे समय से कर रहे थे।

तबेले जैसी बदहाल स्थिति में कैसे चल रहा था स्कूल

जयपुर के इस स्कूल की बदतर हालत किसी से छिपी नहीं थी। यहां छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए मूलभूत सुविधाएं तक मयस्सर नहीं थीं। स्कूल की इमारत जर्जर होने के साथ-साथ आसपास के असुविधाजनक माहौल के कारण बच्चों की सुरक्षा पर भी लगातार सवाल खड़े हो रहे थे। शिक्षा के मंदिर जैसी पवित्र जगह को तबेलेनुमा माहौल में संचालित होते देख स्थानीय लोगों और एक्टिविस्ट्स ने कई बार प्रशासन के सामने अपनी आवाज उठाई थी। बच्चों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को लेकर लगातार मांग की जा रही थी कि स्कूल को आधुनिक और सुरक्षित भवन में शिफ्ट किया जाए या फिर उसी जगह पर नया निर्माण कराया जाए।

CJP ने की मुख्यमंत्री की पहल की सराहना

मामले की गंभीरता को समझते हुए सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) और अन्य स्थानीय संगठनों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। अब सरकार की तरफ से सितंबर से निर्माण कार्य शुरू होने की हरी झंडी मिलने के बाद CJP के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया है। संगठन का कहना है कि उनकी मुख्य मांग यही थी कि बच्चों को पढ़ाई के लिए एक बेहतर, स्वच्छ और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। सरकार के इस सकारात्मक रुख से यह उम्मीद बंध गई है कि आने वाले दिनों में जयपुर के इस स्कूल के बच्चों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नई इमारत का तोहफा मिलेगा।

शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में बड़ा कदम

राजधानी जयपुर में इस तरह के प्रशासनिक कदम उठने से पूरे राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारने की एक नई उम्मीद जगती है। सरकार की इस पहल से यह साफ होता है कि प्रशासन जमीनी स्तर की समस्याओं पर ध्यान दे रहा है। सितंबर से शुरू होने वाले इस निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद न सिर्फ छात्रों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की राह भी आसान हो जाएगी। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि तय समय सीमा के भीतर इस स्कूल का निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा हो सके।

Latest Posts