बालाजी मंदिर में मचा हड़कंप! VIP को बनाया बंधक, फिर सामने आई सुरक्षा एजेंसियों के 'ऑपरेशन' की असली कहानी

बालाजी मंदिर में मचा हड़कंप! VIP को बनाया बंधक, फिर सामने आई सुरक्षा एजेंसियों के 'ऑपरेशन' की असली कहानी

आस्था के सबसे बड़े केंद्र और विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) परिसर से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने कुछ समय के लिए न केवल सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए, बल्कि वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं और वीआईपी (VIP) भक्तों में भी हड़कंप मचा दिया। मंदिर के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में अचानक कुछ वीआईपी भक्तों को बंधक बनाए जाने की सूचना आग की तरह फैल गई। इसके तुरंत बाद कमांडो और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। लेकिन जब इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी सामने आई, तो हर किसी ने राहत की सांस ली।

सुरक्षाबलों की मुस्तैदी परखने के लिए आधी रात को चला सीक्रेट 'मॉक ड्रिल'

शुरुआती अफवाहों और डर के माहौल के बीच तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने स्थिति को साफ करते हुए बताया कि यह कोई वास्तविक आतंकी हमला या बंधक संकट नहीं था। दरअसल, यह बालाजी मंदिर की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाया गया एक अत्यंत गोपनीय 'मॉक ड्रिल' (Mock Drill) ऑपरेशन था। सुरक्षा बलों ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक वीआईपी लॉज और दर्शन कतारों के पास इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, ताकि संकट की स्थिति में सुरक्षाकर्मियों के रिस्पांस टाइम और उनकी तैयारियों का वास्तविक मूल्यांकन किया जा सके।

हाई-टेक कमांडो एक्शन देखकर दंग रह गए मंदिर में मौजूद श्रद्धालु

इस सीक्रेट ऑपरेशन के दौरान बकायदा एक काल्पनिक स्क्रिप्ट तैयार की गई थी, जिसमें कुछ सुरक्षाकर्मी ही 'फर्जी आतंकी' बने थे और उन्होंने कुछ लोगों को बंधक बनाने का नाटक किया था। इसके बाद ऑक्टोपस (OCTOPUS) कमांडो, ग्रेहाउंड्स और स्थानीय पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने बिजली की रफ्तार से एक्शन लेते हुए पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ कर दिया। कमांडो को अत्याधुनिक हथियारों के साथ मंदिर की छतों और गलियारों में पोजीशन लेते देख वहां मौजूद आम भक्त एक पल के लिए दंग रह गए। सुरक्षाबलों ने महज कुछ ही मिनटों के भीतर सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल कर 'हमलावरों' को ढेर करने का नाटक सफलतापूर्वक पूरा किया।

तिरुपति देवस्थानम ने सुरक्षा को लेकर लिया बड़ा फैसला, बदलेगा प्रोटोकॉल

विश्व के सबसे अमीर मंदिरों में शुमार तिरुपति बालाजी की सुरक्षा हमेशा से ही देश की शीर्ष प्राथमिकताओं में रही है। हर दिन यहां एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिनमें देश-विदेश के कई बड़े नेता, उद्योगपति और वीआईपी शामिल होते हैं। इस सफल मॉक ड्रिल के बाद टीटीडी (TTD) के सुरक्षा विंग ने एक उच्च स्तरीय बैठक की है। अधिकारियों के मुताबिक, इस ड्रिल से सामने आईं कुछ छोटी-मोटी कमियों को सुधारने और मंदिर के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर लगे बायोमेट्रिक और सर्विलांस सिस्टम को और ज्यादा हाई-टेक बनाने के लिए जल्द ही एक नया सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा।

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